मऊ। शासन से हरी झंडी क्या मिली कि जिले की पुलिस ने संगठित अपराध में लिप्त लोगों को चिन्ह्ति कर उनका न सिर्फ गैंगस्टर में चालान किया, बल्कि उनकी संपत्तियों को जब्त भी किया। इस वर्ष जून माह से पुलिस ने अभियान शुरू किया तो अब तक विभिन्न गिरोहों के 29 लीडरों की 25 करोड़ 39 लाख 16 हजार 836 रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसमें 22 करोड़ सात लाख 27 हजार सात सौ रुपये की संपत्ति अकेले मुख्तार गैंग और करीबियों की शामिल है। एसपी सुशील घुले की मानें तो आगे और संपत्तियां जब्त होंगी। बताया कि अभी भी संपत्तियों को चिन्ह्ति किया जा रहा है। बताते चले प्रदेश सरकार ने संगठित अपराध में लिप्त सभी के विरुद्घ कार्रवाई का आदेश जारी किया। इसका परिणाम रहा कि सीएए के नाम पर बीते वर्ष 16 दिसंबर को उपद्रव करने वालों, जनप्रतिनिधि से लेकर गिरोह के रूप में अपराध में संलिप्त सभी को चिन्ह्ति कर उनका गैंगस्टर में चालान करना शुरू किया। इस दौरान अब तक 53 मामले दर्ज कर पुलिस ने 275 लोगों का गैंगस्टर में चालान किया। इसमें अकेले 82 लोग मुख्तार या उनके चिन्ह्ति गिरोह एसआई 191 से ताल्लुक रखने वाले हैं। पुलिस रिकार्ड की मानें तक अब तक 29 लीडरों की संपत्ति गैंगस्टर की धारा 14 (ए) के तहत जब्त की गई है। इसमें मुख्तार गैंग से ताल्लुक रखने वाले और करीबियों की 22 करोड़ सात लाख 27 हजार 700 रुपये मूल्य की संपत्ति शामिल हैं। इसके अलावा इस गैंग के 26 लोगों का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया है। साथ ही 23 का गुंडा एक्ट में चालान, 13 को जिला बदर और 11 ठेकेदारों का लाइसेंस निरस्त किया गया। इसमें नौ लोगों की करीब 25 करोड़ 78 लाख की संपत्ति ढहाई गई है। इसके अलावा शेष संपत्ति विभिन्न तरह के अपराधों में संलिप्त बदमाशों की है। इसमें रमेश सिंह काका जैसे माफिया और कुख्यात अपराधियों की संपत्ति शामिल है।