चिरैयाकोट (मऊ)। थाना क्षेत्र के छपरा गांव में शनिवार की शाम दो समुदाय के बच्चों के बीच जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट में दोनों तरफ से 10 लोग घायल हुए। मारपीट के बाद उपजे तनाव को देख हुए गांव में पुलिस की तैनाती की गई है। समाचार दिए जाने तक तनाव व्याप्त था। लेकिन किसी पक्ष ने पुलिस को प्रार्थना पत्र नहीं सौंपा था। हालांकि पुलिस पांच लोगों को हिरासत में ली है।
थाना क्षेत्र के ग्राम छपरा गांव में मुर्गे की दुकान पर गांव के अनवर, शाहिद और राहुल उर्फ काजू कन्नौजिया खड़े थे, इस दौरान जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए एक पक्ष ने दूसरे को मारने की बात कही। इतना ही नही बीते तीन अगस्त को नहाने के दौरान पानी में डूबने से हुई मौत की घटना का जिक्र करते हुए मनबढ़ों ने अपशब्दों का प्रयोग किया। इन बातों को सुन वहां खड़े व्यक्ति ने विरोध किया। इस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई।
मारपीट होने पर दोनों युवकों के परिवार के सदस्य भी वहां पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों समुदायों की तरफ से करीब पचास-साठ लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर ईट पत्थर और लाठी डंडा चला। इस दौरान एक तरफ से अंकुर (18), पंकज (50), ऊषा (55), अनूप (30), राहुल (28), निशा (30), तथा दूसरे तरफ से साकीना (22), साबिया (45), कासिम (40), महताब (19) आदि घायल हुए। घटना के बाद मौके पर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस बात की सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी सरसेना, थानाध्यक्ष चिरैयाकोट मय फोर्स मौके पर पहुंचे। बाद में क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना नंदलाल भीमौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मारपीट करने वालों लोगों को समझा बुझाकर शांत कराई। साथ ही मौके से पांच लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजी। मारपीट के बाद उपजे तनाव के बाद गांव में दुबारा कोई घटना न घटे इसके लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई। बात करने पर इस बाबत थानाध्यक्ष चिरैयाकोट रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए, पुलिस की तैनाती की गई है। दोनों समुदायों के किसी ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी हैं, बावजूद कार्यवाही की जाएगी।