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Mau News: दरियाबाद सीएचसी में न विशेषज्ञ चिकित्सक, न पर्याप्त संसाधन और जांच की सुविधाएं

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जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर चिकित्सकीय सुविधा के लिए प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद जनपद की अधिकतर सीएचसी बदहाल पड़ी हुई है। रोगी कल्याण समिति की मद से उपकरण व रखरखाव के लिए मांग के अनुरूप शासन से बजट दिया जाता है। जिसे सीएचसी व पीएचसी की आवश्यकता और मांग के अनुरूप आवंटित किया जाता है।
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घोसी तहसील मझवारा कस्बा में बेहतर चिकित्सालय सुविधाओं के लिए दरियाबाद में शुरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो सकी है, न ही पर्याप्त मेडिकल संसाधन और जांच की सुविधाएं हैं। यहां के डॉ. सारीक कदीर अंसारी की ड्यूटी कभी घोसी जेल और पोस्टमार्टम में लगने से मरीज को बहुत समस्या हो रही हैं। यहां दो फार्मासिस्ट है दो लैब टेक्नीशियन हैं। चतुर्थ श्रेणी का कोई कर्मचारी नहीं है। स्वीपर, चौकीदार, वार्ड बॉय नहीं है, यहां पर मरीजों को 24 घंटे सेवा नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि यहां न तो पानी की व्यवस्था है न डॉक्टर और कर्मचारियों का आवास भी अभी तक अधूरा पड़ा है। पानी की टंकी अधूरा पड़ी है, आठ महीना पहले जिला अधिकारी की चेतावनी के बाद भी पानी की टंकी नहीं बन सकी है।
पीएचसी भवन आठ साल से नहीं हुआ हैंडओवर
चिरैयाकोट में स्थानीय पीएचसी के भवन का निर्माण होने के बाद भी आठ साल बाद भी हैंड ओवर नहीं हो सका है। जिससे अभी भी चिकित्सक या अन्य कर्मी को स्वास्थ्य केेंद्र से दूर निवास करना पड़ता है। स्थानीय लोगों को कहना है कि चिकित्सक सहित अन्य कर्मी के नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। अभी भी पीएचसी का संचालन एक कमरे से ही हो रहा है।
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खुरहट पीएचसी का भवन जर्जर
रानीपुर में स्थानीय सीएचसी के तहत आने वाली खुरहट पीएचसी की बुरा हाल है। पीएचसी का भवन पुराना व जर्जर हो चुका है। भवन के पीछे की छत से पानी टपक रहा है। भवन के आसपास भी सफाई नहीं होने से झाड़ी उग गई है। गंदगी के कारण वहां पर मरीज जाने से हिचकते हैं। सामान्य उपचार के साथ अन्य कोई भी सुविधा नहीं होने से मरीजों को माेहभंग हो रहा है।
ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों का हाल बेहाल
जनपद में अभी दस सीएचसी के साथ नगर क्षेत्र की चार सहित 40 पीएचसी का संचालन हो रहा है। कुछ सीएचसी को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर सीएचसी और पीएचसी पर दुर्दशा का ही अंबार है। कहीं पर संसाधन नहीं हैं तो कहीं पर मरीज जाने से ही बचते हैं। पिछले सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल ने रोगी कल्याण समिति के मद में होने वाले खर्च की जांच की थी। इसमें मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी के साथ उसके क्षेत्र में संचालित होने वाली पीएचसी काफी बदहाल पाई गई थी।
जनपद की हर स्वास्थ्य केंद्र पर हर साल रोगी कल्याण के मद से ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। समिति में खंड विकास अधिकारी के साथ प्रभारी और स्थानीय लोग रहते हैं। समिति के अनुमोदन पर धन को खर्च किया जाता है। विभाग से भी इसकी निगरानी होती है।- डॉ. राहुल सिंह, सीएमओ
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