मऊ। कोरोना काल में बर्तन कारोबार पर असर पड़ा है। लाकडाउन के बाद बाजार खुले, लेकिन शादी विवाह सहित धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लग गया। इसका असर बर्तन कारोबार पर पड़ा है। लाकडाउन के कारण लगातार पांच माह से अधिक समय तक बिक्री ठप रही। अब 40 से 45 प्रतिशत बिक्री ही हो पा रही है। आगामी नवरात्र सहित त्योहारी सीजन लेकर कारोबारियों में उत्साह का माहौल है।
नगर के सहादतपुरा, मुंशीपुरा, चौक, मिर्जाहादीपुरा, सिंधी कालोनी, रौजा, गोला बाजार सहित मुहम्मदाबादगोहना, मधुबन, घोसी, दोहरीघाट, चिरैयाकोट सहित जिले के विभिन्न बाजारों में करोड़ों का बर्तन कारोबार होता है। लॉक डाउन के बाद बाजार तो खुल गया, लेकिन शादी विवाह, लगन आदि बीत गया। बाजार में भी लोग जरुरी काम से ही आ रहे है।ऐसे में बिक्री 40 से 45 प्रतिशत ही हो पा रही है। कारोबारियों के अनुसार बाजार तो खुल गया है, लेकिन सेल बहुत कम हो रही है। माल डंप पड़ा है। आगामी त्यौहारी सीजन में कारोबार रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।
सर्वानंद बर्नवाल ने बताया कि कोरोना काल में बाजार तो खुल गया है, लेकिन अपेक्षाकृत बिक्री नहीं हो पा रही है। 40 से 45 प्रतिशत ही बिक्री ही हो पा रही है। माल डंप पड़ा है। नवरात्र सहित त्यौहारी सीजन में कारोबार रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। मधुबन के संतोष ठठेरा ने कहा कि कोरोना काल में लगातार पांच माह तक बर्तनों की बिक्री ठप रही। कारोबार पर असर पड़ने से खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अब बाजार तो खुल तो गया है। उधार वसूलने में समस्या आ रही है। आगामी त्यौहारी सीजन में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
मुहम्मदाबाद गोहना के संदीप सेठ ने बताया कि लॉक डाउन के बाद से ही आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। अब बाजार तो खुला है। लेकिन बिक्री नाम मात्र ही हो रही है। उधारी पैसा ज्यादा फंसा है। माल डंप पड़ा है। आगामी त्यौहार में कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। घोसी के सोनू ठठेरा ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते बर्तन कारोबार पर असर पड़ा है। अनलाक होने पर बाजार तो खुला है, लेकिन शादी विवाह, धार्मिक आयोजन न होने से सेलिंग न्यूनतम पर आ गई है। आगामी त्यौहारी सीजन में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।