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टीकाकरण को लेकर देहातों में अभी भी हावी है भ्रांतियां

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मधुबन (मऊ)। कोरोना वायरस से लड़ाई में भले ही टीकाकरण को प्रमुख हथियार माना जा रहा है लेकिन ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाहों और भ्रांतियों के कारण लोग टीकाकरण में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे अभियान कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। जिले में युवाओं के लिए शुरू हुए टीकाकरण में युवाओं का उत्साह नहीं दिख रहा है। इसका परिणाम है कि पहले 10 दिनों में 1900 युवाओं काटीकाकरण का लक्ष्य विभाग ने निर्धारित किया था, लेकिन इसके सापेक्ष 1588 युवाओं ने ही टीकाकरण कराया।यानी 17 फीसदी युवाओं ने टीकाकरण करानेको लेकर उत्साहित नहीं दिखे।
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फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के 78 ग्राम सभाओं की आबादी लगभग तीन लाख है। ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधान, ब्लॉक, शिक्षा विभाग के सहयोग से 70 तैयार करके प्राथमिक विद्यालय में टीकाकरण के अलावा अस्पताल में टीकाकरण हो रहा है।बताते चले कि फतेहपुर मंडाव में एक जून से सीएससी फतेहपुर पीएससी दुबारी केंद्रों पर युवाओं के लिए टीकाकरण किया जा रहा है।
पांच जून तक इन केंद्रों पर प्रतिदिन 700 युवाओं काटीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 5 जून तक580 युवाओं को टीके की पहली डोज लगाई गई।वही 7 जून से फतेहपुर मंडाव में 300 प्रतिदिन के सापेक्ष 7 जून को 265 और 8जून को 253 तो 9 जून को 254 जबकि 10 जून को 236 युवाओं को टीके की पहली डोज लगाई गई। यानी पांच दिन में 1200 के सापेक्ष 1008 युवाओं ने टीकाकरण कराया।
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टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में गांव में जहां जागरूकता की कमी है वहीं कुछ लोग आगे आ रहे हैं। मधुबन नगर पंचायत के पाती गांव में सभासद आलोक मल के नेतृत्व में 70 लोगों को टीकाकरण किया गया। वहीं इस संबंध में जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसमें गांव के प्रधान के अलावा समाजसेवी तथा दूसरे लोगों की मदद मिल रही है।
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