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Mau News: शहर में नहीं हैं पार्किंग स्थल, वाहनों के धड़ाधड़ कट रहे चालान

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शहर सहित पूरे जनपद में कहीं भी पार्किंग स्थल नहीं हैं। वाहन स्वामी शहर और बाजारों में वाहनों से खरीदारी करने अथवा किसी अन्य कार्यों से आते हैं और सड़क के किनारे वाहन खड़े कर अपने कार्य में लग जाते हैं। इधर, उनके वाहनों का चालान नो पार्किंग जोन में खड़े करने के आरोप में कट जाता है। इस तरह वाहन स्वामियों को हजारों की चपत लगती रहती है। वाहन स्वामी इससे परेशान हैं। वाहन स्वामियों की पीड़ा है कि पार्किंग स्थल हो तो वहां वाहन खड़े किए जाएं जब कहीं पार्किंग स्थल है ही नहीं तो वाहनों का चालान काटना उचित नहीं है। पुलिस प्रशासन की तरफ से विभिन्न मामलों में जनवरी 2023 से अप्रैल तक 31209 लोगों का चालान काटा जा चुका है। जनपद मुख्यालय पर लंबे समय से एक भी पार्किंग स्थल नहीं है। नगरपालिका प्रशासन की तरफ से काफी समय से पार्किंग स्थल बनवाने पर विचार विमर्श चल रहा है। लेकिन उस पर अमल नहीं हो पा रहा है। इसलिए लोग शहर में खरीदारी करने आते हैं तो अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़े कर देते हैं। इस बीच ट्रैफिक पुलिस अथवा थानों की पुलिस उनके वाहनों का चालान काट देती है। मोबाइल पर मेसेज आने पर उन्हें चालान कटने का पता चलता है। कई वाहन स्वामियों के मोबाइल पर मेसेज भी नहीं आ पाते। इस बीच उनके वाहनों का चालान कटने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। शहर के सहादतपुरा मुहल्ला में मुख्य सड़क पर रोडवेज से लेकर गाजीपुर तिराहे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शापिंग मॉल हैं। सहादतपुरा में ही अली बिल्डिंग में कई सौ दुकानें हैं, जिनमें खरीदारी करने के लिए हजारों लोग प्रतिदिन आते हैं। उनकी विवशता है कि वे मुख्य सड़क के किनारे वाहन खड़े कर अंदर खरीदारी करने जाएं। इसी प्रकार भीटी चौराहे के आसपास और मिर्जाहादीपुरा चौराहे के पास दुकानों में काफी ग्राहकों का आना जाना होता है। लेकिन इन स्थानों पर कहीं भी पार्किंग स्थल नहीं हैं। लोगों का सवाल है कि आखिककार अपने वाहनों को कहां खड़ा करें, जहां से पुलिस उनके चालान न करे। इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है। केवल भीटी चौराहे के पास नो पार्किंग जोन का बोर्ड लगा है। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो अप्रैल माह में 8919 चालान, हेलमेट में 980 चालान, नो पार्किंग में 1035 चालान, वन वे में 375 चालान तथा गलत नंबर प्लेट पर 172 चालान काटा गया। इसी तरह मार्च माह में 10196 चालान किया गया। इसी तरह फरवरी माह में 4866 चालान, जनवरी माह में 4666 चालान काटा गया। जबकि वर्ष 2022 में 52916 चालान, वर्ष 2021 में 58879 चालान काटा गया।
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इस संबंध में जीवन राम इंटर काॅलेज के प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि प्रशासन को पार्किंग स्थलों की व्यवस्था करनी चाहिए। अधिवक्ता शिवनारायण राय का कहना है कि शहर प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए जाने चाहिए। प्रतियोगी छात्र अभिषेक श्रीवास्तव, कृष्णानंद सिंह का कहना है कि पुलिस प्रशासन को नो पार्किंग जोन का बोर्ड लगाना चाहिए। इससे वाहन स्वामियों को पता चल सके कि यहां वाहन नहीं खड़ा करना है। बिना पार्किंग स्थल बनाए वाहनों का चालान नो पार्किंग जोन म खड़े होने के आरोप में चालान काटना उचित नहीं है।
कोट:
शहर सहित पूरे जिले में पार्किंग स्थल नहीं हैं। लेकिन सड़क के किनारे कुछ भाग को छोड़कर वाहन खड़े करने चाहिए। इससे इतर नो पार्किंग जोन माना जाता है। ऐसे स्थानों पर खड़े वाहनों का चालान नो पार्किंग जोन में मानकर काटा जाता है। - श्याम शंकर पांडेय, टीएसआई।
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