जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। शुभारंभ जिला न्यायाधीश रामेश्वर ने किया। कहा कि लोक अदालत से आम लोगों धन व समय की बचत होती है। वर्षों से लंबित मामलों का स्थायी निस्तारण होता है। दोनों पक्षों के बीच आपसी कटुता समाप्त हो जाती है। जिला जज ने कहा कि लोक अदालत में आर्बिट्रेशन, एनआई एक्ट, सिविल फौजदारी, एमवी एक्ट, वाहन दुर्घटना बैंक आदि मामलों का निस्तारण पक्षकारों के जुर्म स्वीकृति और समझौते के आधार पर किया जाता है। उन्होंने लोक अदालत के जरिये अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर जोर दिया। संचालन विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे अभिनय कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार वशिष्ठ, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रिजवानुल हक, एडीजे अशोक कुमार, पंकज मिश्रा, आनंद प्रकाश सिंह, नीलम ढाका, दिनेश चौरसिया, राजवीर सिंह, निशांत मान, सीजेएम श्वेता चौधरी, सिविल जज सीनियर डिवीजन कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक प्रीति भूषण, जेएम शैलेश सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन महिमा सिंह, ग्रामीण न्यायालय मधुबन सुभम चौधरी, आदि मौजूद रहे।