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मास्टर प्लान का हो पालन तो बने बात

Sat, 04 Jun 2016 11:54 PM IST
BEARU, AMAR UJALA, MAU
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ईशन नदी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तमसा के किनारे होने वाले अवैैध निर्माण को कड़ाई से रोकने के लिए मास्टर प्लान में गाइड लाइन तय की गई है। बस उसका पालन कड़ाई से करना होगा। लेकिन इन दिनों कालोनाइजर नियमों का धता बनाते हुए प्लाटिंग कर रहे हैं। जिससे नदी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। 
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नदी के किनारे के 200 मीटर की परिधि में किसी भी तरह का निर्माण वर्जित है। राज्यपाल की तरफ से जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2021 तक इस क्षेत्र में पौधरोपण के सिवा कोई कार्य नहीं होना चाहिए। लेकिन तमसा का हाल यह है कि शहर के भीतरी हिस्से की तरफ तो नदी के मुख्य धारा के करीब तक पक्के मकान बन गए हैं।


नदी के उत्तरी किनारे की तरफ भूखंडों की प्लाटिंग का काम तेजी से चल रहा है। प्लाट खरीदने वाले जानकारी के अभाव में नदी के किनारे के पास की जमीन खरीद रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति कहते हैं कि अपने नीजी लाभ के लिए कालोनाइजर पर्यावरण के नुकसान की चिंता नहीं करते।
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लेकिन आम नागरिकों और जिम्मेदार प्रशासनिक अफसरों को इसके लिए गंभीर होना होगा। पर्यावरण के प्रति समर्पित युवा अंजनी कुमार सिंह कहते हैं कि तमसा के किनारों के आस पास की भूमि जो हरित क्षेत्र घोषित है , पौधों के लिए ही सुरक्षित होनी चाहिए। 
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