जिला अस्पताल परिसर में बन रहा कोरोना वार्ड।संवाद
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मऊ। संक्रमण काल के दौरान मरीजों को हुई परेशानी को देखते हुए भविष्य में ऐसी महामारी से बचाव को लेकर जिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी पर कोविड वार्ड बनना है। शासन से बजट भी स्वीकृत हो चुका है। लेकिन कोविड वार्ड नहीं बना। अब दिसंबर में कार्य पूरा न होने पर बजट लैप्स होगा। इसे लेकर जिम्मेदार काम कराने में जुट गए हैं। जिले की करीब 25 लाख की आबादी भविष्य में महामारी से न जूझे उसके लिए सदर अस्पताल सहित सभी सीएचसी-पीएचसी मिलाकर कुल 51 कोविड वार्ड बनाए जाने हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए एनसीपीसी नामक संस्था को बीते जनवरी माह में ही निर्माण के लिए टेंडर दिया था। वर्तमान में अभी किसी भी जिला अस्पताल तथा सीएचसी में 60 फीसदी से ज्यादा कार्य नहीं हुए। बजट की 50 फीसदी राशि अवमुक्त होने के बाद जिला अस्पताल तथा स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के बीच तालमेल न से जिला अस्पताल में आठ माह तक कार्य कागजों में हो रहा था। लेकिन 31 दिसंबर तक कार्य न होने की स्थिति में बजट लैप्स होने की जानकारी पर आनन फानन में सभी केंद्रों पर कार्य युद्धस्तर से शुरू हो गया है।
योजना के तहत जिला अस्पताल में 32 बेड का वार्ड बनाया जाएगा। इसमें 20 जनरल तथा 12 आईसीयू के बेड शामिल हैं। जबकि दस सीएचसी पर 20 और 44 पीएचसी पर छह बेड का वार्ड बनाया जाएगा। जिला अस्पताल में 32 बेड के वार्ड निर्माण पर करीब 94 लाख 46 हजार रुपये खर्च होगा। वहीं प्रत्येक सीएचसी के लिए छह करोड़ 45 लाख 40 हजार और पीएचसी के लिए 5 लाख 80 हजार की धनराशि आवंटित की गई है। कोविड वार्ड बनाने का कार्य सीएचसी-पीएचसी पर जनवरी के बाद ही शुरू हो गया था। लेकिन जिला अस्पताल में बीते कुछ दिन पहले इसको लेकर कवायद शुरू हुई। बीते दिनों सीएमओ के निरीक्षण में यह खामी मिलने के बाद यहां कार्य शुरू हुआ। ऐसे में सवाल है कि जो कार्य 12 माह में पूरा होना था वह ऐसे में महज 74 दिनों में कैसे पूरा होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि समय सीमा में कोविड वार्ड बनाए जाने को लेकर मानीटरिंग की जा रही है। जिससे यह अपने निर्धारित समय में बन सके। इसमें जिम्मेदारों को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।