दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के बैजापुर गांव में शुक्रवार को दोपहर 1 बजे के करीब बच्चों के विवाद में एक महिला को उसके पड़ोसी ने चारपाई से बांध कर जिंदा जला दिया। महिला को उसके देवर ने बचाया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि बच्चों के विवाद में प्रधान से लेकर सारे लोग उसी पर चुप रहने के लिए दबाव बना रहे थे। इसका विरोध करने उसके पड़ोसी ने उस पर मिट्टी का तेल छिड़ककर कर जला दिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बैजापुर गांव निवासी लालू साहनी मुंबई में काम करता है गांव में उसकी पत्नी पुष्पा साहनी (35) तीन बच्चों के साथ रहती है। बच्चों में एक दुधमुंही बेटी, 6 वर्षीय पुत्र के अलावा 7 वर्षीय पुत्री शामिल है।
पुष्पा के सास-ससुर और देवर लालतेज पांच किमी दूर पैतृक गांव फत्तेपुर में रहते हैं। लालू के घर के बगल में मनबढ़ किस्म के अंबिका यादव का घर है। एक सप्ताह पूर्व पुष्पा और उसके पड़ोसी अंबिका के बच्चों की कुछ हरकतों को लेकर विवाद हो गया था।
बात बड़ों तक पहुंची तो पुष्पा ने इसका पुरजोर विरोध किया और गलती के लिए पड़ोसी के बेटे को जिम्मेदार ठहराया। बात बढ़ने पर गांव के प्रधान एवं अन्य लोगों ने सुलह का प्रयास किया पर कोई हल नहीं निकला।
शुक्रवार को इस मामले में फिर पंचायत हुई तो पुष्पा ने पंचायत करने वालों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। इससे क्षुब्ध होकर पंचायत में आए लोग लौट गए।
लोगों के जाने के बाद पुष्पा एवं उसके पड़ोसी अंबिका में फिर जोर का विवाद हो गया। मामला इस कदर बढ़ा कि अंबिका ने उसके घर में घुस कर पुष्पा को चारपाई से बांध दिया और उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया।
उसी वक्त पुष्पा का देवर लालतेज कुछ समान पहुंचाने के लिए वहां आ पहुंचा। भाभी को जलते देख उसने उसे चारपाई से खोला और आग बुझाई तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया।
पुष्पा का बयान दर्ज कर पुलिस ने देवर लालतेज साहनी की तहरीर पर आरोपी अंबिका यादव के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुरेश मिश्रा का कहना है कि मामला बच्चों के विवाद से जुड़ा था। इसी को लेकर आरोपी और महिला के बीच सुलह का प्रयास चल रहा था। आरोपी पड़ोसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।