लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। नदी के खतरा बिंदु पार होते ही नगरवासियों की धड़कने तेज हो गई हैं। ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
बिंदटोलिया मेें कटान तेज हो गई है। गांव के एक व्यक्ति का कटान से बचा आधा मकान भी नदी में विलीन हो गया। साथ ही ठोकर के आगे से नई बस्ती में पानी घुस गया है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
कटान से बचाव के उपाय नहीं हो सके हैं। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से जैसे-जैसे ऊपर बढ़ रहा है। वैसे-वैसे तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है।
सिंचाई विभाग की तरफ से बिंदटोलिया में कटान से बचाव के लिए चार ठोकर तो बनाए गए हैं, लेकिन मुख्य मार्ग से नई बस्ती में पानी घुस गया है। खेतों में भर जाने से फसलें जलमग्न होने से फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
कटान प्रोजेक्ट पूरा न होने से बिंदटोलिया में कटान तेज हो गई है। शनिवार को गांव के चकबहादुर का कटान से बचा आधा मकान भी नदी मेें विलीन हो गया। नदी के उग्र रुप धारण करने से बिंदटोलिया सहित आसपास के इलाकों के लोग दहशत में जी रहे हैं।
नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गौरी शंकर घाट पर शनिवार को नदी का जलस्तर 70 मीटर रहा। शुक्रवार को जलस्तर 69.75 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
दोहरीघाट क्षेत्र के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, लोहड़ा, नई बाजार, नौली, चिऊटीडांड़, बहादुरपुर, सरया, पतनई, गोधनी, बीबीपुर, ठाकुरगांव, जमीरा चौराडीह, बेलौली, महुआबारी गांव के सिवान में घुसने का खतरा बढ़ने से किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है।
उधर, धनौली रामपुर लोहड़ा बंधा नौली, चिउंटीडांड़ रिंग बंधा, बीबीपुर बेलौली बंधे पर पानी की तेज धारा टकरा रही है। जिससे बंधे पर खतरा बढ़ गया है।