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असलहा संस्तुति में फंसे थानाध्यक्ष का कार्यकाल था विवादित

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कोपागंज। थाना क्षेत्र के लीलारी भरौली गांव निवासी और मुख्तार अंसारी के शूटर रहे राकेश पांडे उर्फ हनुमान की पत्नी सरोज लता पांडे को वर्ष 2004 में असलहा देने की संस्तुति करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा का कोपागंज में तैनाती का कार्यकाल काफी विवादित रहा है। उनके कार्यकाल में कोपागंज बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी घटना घटित हुई थी। रिर्पोंट दर्ज करने के बाद पुलिस मृत्युंजय मिश्र की तैनाती स्थल की जानकारी करने में जुटी है। मृत्यंजय मिश्र के थानाध्यक्ष रहने के दौरान 25 जनवरी 2005 को कोपागंज थाने के सामने मौजूद प्राचीन गौरी शंकर मंदिर के बाउंड्री वाल के निर्माण को लेकर मंदिर समिति और पुलिस के बीच जमकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़कर मारपीट और आगजनी में तब्दील हो गया था। विवाद के बाद गुस्साए लोगों ने थाने के अंदर भी आगजनी कर दिया था। मामला गंभीर होने पर उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हुआ था। मारपीट की इस घटना के बाद थानाध्यक्ष ने कई निर्दोष को मुकदमे में फंसा दिया था। माफिया विधायक मुख्तार अंसारी के शूटर रहे राकेश पांडे उर्फ हनुमान की पत्नी सरोज लता पांडे को असलहा देने की संस्तुति मृत्युंजय मिश्र ने वर्ष 2004 में किया था। प्रदेश सरकार के द्धारा अपराधियों के विरुद्घ छेड़े गए अभियान के दौरान जांच में राकेश उर्फ हनुमान पांडेय की पत्नी के नाम से जारी दो नाली बंदूक के लाइसेंस का मामला सामने आया। इस पर जुलाई माह में तात्कालीन एसपी अनुराग आर्य के आदेश पर उनके नाम से जारी शस्त्र लाइसेंस को जप्त करने की कार्रवाई की गई। साथ ही जिलाधिकारी ने लाइसेंस को निरस्त किया। जांच के दौरान मामला सामने आया कि आखिर इस शस्त्र लाइसेंस को किस थानाध्यक्ष ने संस्तुति दिया था, इस पर वर्ष 2004 से जनवरी 2005 तक बतौर थानाध्यक्ष कोपागंज रहें मृत्युंजय मिश्र का नाम सामने आया। इस आधार पर उनके विरुद्घ कोपागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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