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Mau News: आरोग्य मेले में बीमार होने लगी व्यवस्था

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मऊ-दु़बारी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में व्यवस्था ही मानों बीमार होने लगी है। कहीं विभाग और स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या में अंतर मिल रहा है तो कहीं डॉक्टर देर से पहुंच रहे हैं। कुछ पीएचसी ही दोपहर में खुल रही हैं।
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यह आंकड़ेबाजी का खेल सामने आया अमर उजाला की पड़ताल में रविवार को अमर उजाला की टीम ने तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल की, जहां दो केंद्र सुबह 11 बजे के बाद खुले।
वहीं विभाग द्वारा जारी आंकड़े में और अस्पताल के आंकड़ों में 20 से अधिक मरीजों का अंतर दिखा। इतना ही नहीं जिस केंद्र पर फार्मासिस्ट ने मरीजों का इलाज किया, वहां दो-दो चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जाने का दावा किया गया, लेकिन इसमें एक ही अस्पताल पर एक डॉक्टर के जाना मिला, वहीं दूसरे अस्पताल पर कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा था।
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मेले की जारी सूची में तिघरा पीएचसी पर दो चिकित्सक और सात स्वास्थ्यकर्मी द्वारा 33 पुरुष और 30 महिला और 16 किशोर-किशोरियों के इलाज का दावा किया गया। जबकि यहां अमर उजाला की टीम 11:18 बजे पहुंची तो यह केंद्र बंद मिला, जहां 20 मिनट बाद इसे खोला गया। इस केंद्र पर बीते डेढ़ साल से कोई डाक्टर नहीं है, यहां फार्मासिस्ट ऋषिदेव ने ही 25 मरीजों का इलाज किया। जबकि यहां दो डॉक्टरों की तैनाती दिखाई गई।
वहीं द़ुबारी पीएचसी में दो चिकित्सक आठ स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा 18 पुरुष, 8 महिला और 6 किशोर-किशोरियों का इलाज करना बताया गया। जबकि अमर उजाला की टीम को अस्पताल में फार्मासिस्ट उमेश वर्मा और स्टॉफ नर्स सुनैना और सरिता ही मरीज का उपचार करतीं मिलीं। यहां इन स्वास्थ्यकर्मियों ने 55 मरीजों का उपचार किया, लेकिन विभाग जारी सूची में 33 मरीज दर्ज होना बताया गया। यहां स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे के एक होमियोपैथ के डॉक्टर अरुण कुमार अपने फार्मासिस्ट सुनिल कुमार के साथ पहुंचे थे। संवाद
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