फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी के चलते हालात हुए और खराब

Thu, 01 Dec 2016 11:30 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
विज्ञापन
नगर क्षेत्र के एक्सिस बैंक के एटीएम पर पैसा निकालने के लिए लगी लोगों की लंबी कतार।
विज्ञापन
रिजर्व बैंक के साथ केंद्र सरकार नोटबंदी के बाद भले ही हालात सामान्य होने का दावा कर रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति बदतर होते जा रही है। गुरुवार को जिले के करीब दस हजार राज्य कर्मचारियों का एक अरब चार करोड़ वेतन तथा 11 हजार पेंशनरों का 17 करोड़ 64 लाख रुपये रिलीज हुआ। जबकि बैंकों में नो कैश के बोर्ड टंगे हैं। ऐसी स्थित में लोगों को रुपये कहां से मिलेंगे, इसका उत्तर किसी के पास नहीं है। दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने कर्मचारियों और अधिकारियों को कैशलेस काम करने का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन


जिले में विभिन्न बैंकों की 123 शाखाएं हैं। जिले में सबसे ज्यादा यूनियन बैंक की 20 शाखाएं हैं। इसके बाद अन्य बैंकों की है। इसके चलते यूनियन बैंक जिले का लीड बैंक है। जिले में यूनियन बैंक के अलावा भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के पास करेंसी चेस्ट है। लेकिन नोटबंदी के बाद से सभी बैंकों के चेस्ट खाली हो गए। इस समय पंजाब नेशनल बैंक में बीते सोमवार से ही नो कैश का बोर्ड लगा दिया है। पंजाब नेशनल बैंक मऊ के करेंसी चेस्ट से उसकी मऊ के साथ बलिया और गाजीपुर की 28 शाखाएं संचालित होती हैं।

लेकिन कैश के अभाव में इसकी सभी शाखाओं पर नो कैश का बोर्ड लग गया है। इसीक्रम में जिला अग्रणी बैंक यूनियन बैंक के प्रबंधक बीडी महातो ने बताया कि उनके यहां किसी तरह से काम चलाया जा रहा। उपभोक्ताओं को समझाकर उनके जरूरत के हिसाब से रुपये निकाला जा रहा है। यूबीआई के कुछ एक शाखाओं पर भी नो कैश का बोर्ड टंग चुका हैै। स्टेट बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक रंजीत ने बताया कि अब जिस भी समय उनकी शाखा के साथ स्टेट बैंक की सभी शाखाएं बंद हो जाएं।
विज्ञापन


इस बीच गुरुवार को को ट्रेजरी ने जिले में काम करने वाले करीब दस हजार राज्य कर्मचारियों का एक अरब चार करोड़ रुपये वेतन के रूप में तथा 11 हजार पेशनरों का 17 करोड़ चौसठ लाख रुपये पेंशन रिलीज किया। यह जिले के सभी 123 ब्रांचों को प्रेषित किया गया। लेकिन किसी बैंक ने कर्मचारियों को वेतन देने की कोई व्यवस्था नहीं की है।

भीटी ब्रांच के प्रबंधक विशाल प्रकाश ने बताया कि कई कर्मचारी सैलरी निकालने के लिए आए थे। सहादतपुरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक विमल गुुप्ता ने बताया कि कैश ही नहीं तो किस बात व्यवस्था की जाए। विमल ने बताया कि आज 150 कर्मचारी उनके यहां सैलरी निकालने के लिए आए थे। लेकिन वो सिर्फ पांच लोगों को रुपये दे सके। यह रुपये जो जमा हुआ था, उससे मैनेज किया गया। इसमें एक बीमार था, दूसरे के घर शादी थी। तीन को अन्य घरेलू जरूरत थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें