तीन ब्लाकों में दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को मामूली नोंकझोंक एवं झड़प के बीच शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। 1715 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मंगलवार को हुए 62 प्रतिशत मतदान के साथ मतपेटिकाओं में बंद हो गया। मतपेटिकाएं देर शाम तक स्ट्रांग रूमों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंच गईं। तीनों ब्लाकों में कुल मतदाताओं की संख्या 394811 है।
दूसरे चरण का मतदान मंगलवार की सुबह सात बजे से सभी बूथों पर प्रारंभ हुआ। नवरात्र का प्रथम दिन होने के चलते सुबह बूथों पर मतदाता कम दिखे लेकिन शाम होते होते भीड़ बढ़ती गई। कई स्थानों पर मामूली विवाद के बाद सुरक्षा कर्मियों ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा तो फिर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान चलने लगा।
यही कारण था कि मामूली नोंकझोंक एवं झड़क के शिवाय कहीं भी हिंसक वारदात नहीं हुई। इसके चलते प्रशासन ने राहत की सांस ली। पहले चरण के मतदान में हिंसा के चलते प्रशासन पहले से ही अपनी पूरी ताकत के साथ सख्ती से जुटा हुआ था।
कोपागंज ब्लाक के हिकमा गाढ़ा में प्रत्याशियों के बूथ तक जाकर मतदाताओं से वोट मांगने को लेकर दो पक्षों में झड़प हुई। यहां अपर जिलाधिकारी समीर वर्मा एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने तुरंत पहुंचकर मामले को संभाल लिया। यही नहीं एक प्रत्याशी के वाहन पास को भी अपने कब्जे में ले लिया।
प्रत्याशी का वाहन बूथ के नजदीक तक जाकर मतदाताओं को ढो रहा था। रतनपुरा ब्लाक के पिंडोहरी में एक मतदाता ने वोट डालते समय बैलेट बाक्स में कुछ कागज के टुकड़े डाल दिया। इसे लेकर पीठासीन अधिकारी से लेकर एजेंट तक भड़क गए। यहां भी प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर मामले को शांत कराया।
इसके अलावा कोपागंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर बूथ पर फर्जी मतदान को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। यहां पहुंची पुलिस की टीम ने मामला शांत कराया।
कोईरियापार, धवरियासाथ में प्रशासन ने मतदाताओं को भीड़ जुटाकर बरगलाने की शिकायत पर लाठी भांजकर प्रतयाशियों के समर्थकों को खदेड़ा। इंदारा संवाददाता के अनुसार कोपागंज थाना क्षेत्र के लैरोबेरुवार बूथ पर एक प्रत्याशी के भाई ने सौरव नामक एक छात्र नेता की पिटाई कर दी। पीड़ित ने इस संबंध में थाने में तहरीर दी।