यूपी मेडिकल एंड हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन मऊ शाखा के लिपिक संवर्गीय कर्मचारियों ने शुक्रवार को आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रधान सहायक गंगाप्रसाद गौड़ की अध्यक्षता में काला फीता बांधकर कार्य बहिष्कार कर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा चर्चा के बाद भी उनकी मांगों पर समय से विचार नहीं किया जा रहा है। इसके चलते उन्हें प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इस दौरान एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विजय नारायण का कहना था कि एसोसिएशन द्वारा स्थानांतरण नीति के विपरीत विकलांग, गंभीर रोगी कर्मिकों को 2018-19 में स्थानांतरण से मुक्त रखने, सभी सीएचसी पर कनिष्ठ सहायक का पदन सृजित करने, लिपिक वर्गीय नियमावली 2014 के तहत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी के पद सृजित करने की मांग शासन से की गई थी।
साथ ही रिक्त पदों पर प्रोन्नति, आशु लिपिक और स्टोर कीपर की वरिष्ठता सूची जारी कर प्रोन्नति, निलंबन की कार्रवाई वाले कर्मचारियों की जांच अधिकारी से मिले जांच आख्या के अनुसार तत्काल निर्णय के साथ निदेशालय और परिधिगत कार्यालय के लिपिक संवर्ग का एकीकरण की मांग को लेकर आला अधिकारियों से चर्चा हुई थी। संघ के मंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि संघ द्वारा संबंधित मांगों को लेकर चर्चा के बाद भी आला अधिकारी मांगों पर विचार नहीं कर रहे हैं।
ऐसे में संघ को अपनी मांगे पूरी कराने के लिए लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान धर्मेश कुमार राय, विनोद कुमार दिवेदी, मनोज सिंह, अशोक कुमार मौर्या, अनिल त्रिपाठी, जानकी, साधना सिंहा, रामज्ञानी राम, अनुपम राय सहित जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी केंद्र के लिपिक संवर्गीय कर्मचारी मौजूद रहे।