शहरी क्षेत्र में टीकाकरण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने तथा समाज के हर वर्ग तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि टीकाकरण बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव है, और समाज में विश्वास निर्मित करने तथा जागरूकता बढ़ाने में धर्मगुरुओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शहरी क्षेत्रों में छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण से जोड़ने में धार्मिक और सामुदायिक नेतृत्व का सहयोग अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
यूनिसेफ टीम ने जिले में शहरी टीकाकरण की वर्तमान स्थिति, प्रमुख चुनौतियों और समुदाय आधारित समाधान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। टीम ने बताया कि अनेक परिवार जानकारी की कमी, भ्रांतियों व सामाजिक कारणों से अब भी टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में धार्मिक नेताओं की सक्रिय भागीदारी से इस अंतर को आसानी से पाटा जा सकता है।
बैठक के दौरान उपस्थित धर्मगुरुओं ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने घोषणा किया कि वे अपने धार्मिक स्थलों पर टीकाकरण के समर्थन में संदेश प्रसारित करेंगे।
जनसभाओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाएंगे। सूचना-पत्रक लगाने में सहयोग करेंगे, तथा धार्मिक प्रवचनों में टीकाकरण के महत्व पर चर्चा करेंगे। बैठक के अंत में सीडीओ और सीएमओ ने सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, धार्मिक समुदाय और यूनिसेफ डीएमसी के संयुक्त प्रयासों से जिले के शहरी क्षेत्र में 100 प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा।