मऊ। जिले में इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद ई-पाश मशीन के जरिये की जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को लाभ पहुंचेगा। गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
जिले के किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने की कवायद तेज हो गई है। एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य विभाग के नौ, पीसीएफ के 24, मंडी समिति का एक तथा एफसीआई का एक केंद्र बनाया गया है। सभी क्रय केंद्रों पर ई पाश मशीन के माध्यम से गेहूं खरीद होगी। अधिकारियों की मानें तो नई व्यवस्था के शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। ई-पॉश मशीन में ऐसा सॉफ्टवेयर डाला गया है जो उसी किसान का फिंगर प्रिंट लेगा, जिसका नाम और आधार नंबर पंजीकृत होगा। पंजीकरण के दौरान दर्ज किए जाने वाला आधार नंबर पूरी तरह से छिपा होगा और मशीन पर पंजीकरण नंबर डालने पर ही आधार नंबर शो करेगा। इससे असली और नकली किसान की पहचान आसानी से हो सकेगी। ई-पॉश मशीन से फसलों की खरीद करने का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकार की ओर से घोषित समर्थन मूल्य का सीधा लाभ दिलाना है। एक मार्च से किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण चल रहा है। किसान के परिवार का कोई सदस्य भी पंजीकरण करा सकता है और किसान के बीमार या कहीं व्यस्त रहने पर वह गेहूं बेच सकता है।
कोट
किसानों को फसल का पूरा समर्थन मूल्य देने और क्रय केंद्रों को बिचौलियों से मुक्त कराने के लिए जिले के 35 क्रय केंद्रों पर ई पाश मशीन के माध्यम से गेहूं खरीद की जाएगी।- वीके सिन्हा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।