बलिया जिला जेल से आए दुष्कर्म के आरोपी ने मऊ जिला जेल के शौचालय में फंदा लगाकर जान दे दी थी। मामले में जिला जेल अधीक्षक ने दो जेल कर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही एक कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी है। उधर, मृतक का पोस्टमार्टम परिजनों के विरोध के चलते रविवार की सुबह नहीं हो सका। देर शाम बलिया पुलिस प्रशासन ने उन्हें समझाया तो परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए। इसके बाद देर रात मऊ निवासी मृतक मुकेश के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों की टीम ने की।
ये है मामला
जिला जेल अधीक्षक आनंद शुक्ला ने बताया कि मुकेश आत्महत्या कांड में जेल वार्डन विजय कुमार, हेड वार्डन कन्हैया प्रसाद और हेड वार्डन लाल चंद यादव की प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही मिली है। इसका फायदा उठाकर आरोपी मुकेश ने शौच जाने के नाम पर आठ फीट की ऊंचाई वाले शौचालय में जाकर अपने गमछे का आधा सिरा फाड़कर उसका फंदा बना कर जान दे दी थी। इस मामले में विजय और कन्हैया प्रसाद को निलंबित और हेड वार्डन लाल चंद पर विभागीय कारवाई को लेकर संस्तुति की गई है।
उधर, रविवार को इस मामले में मृतक के परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम न कराने की मांग को लेकर अड़े रहे। इस मामले में एसपी इलमारन जी ने बताया कि परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव लेने को तैयार हो गए हैं। बताया कि दो डॉक्टरों की पैनल की टीम के देखरेख में वीडियो रिकॉर्ड के बीच शव का पोस्टमार्टम होगा। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
परिजनों का शव लेने से इनकार, मनाने में लगे रहे अधिकारी
बलिया के खैराखास मधुबनी मौजा निवासी मुकेश यादव (24) की मौत के बाद रविवार को युवक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इस पर अधिकारी उन्हें मनाने में लगे रहे। परिजनों के अनुसार मुकेश को पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा गया था, लेकिन उसने मंदिर में शादी की थी। जिस लड़की से उसने शादी की थी वह बालिग है। लड़की भी अब घर में रहती है। आत्महत्या के दूसरे दिन एडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह व एडिशनल एसपी अनिल कुमार झा रविवार को युवक के घर पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुकेश के मामले में मनमानी की है। परिजनों ने मुआवजे की मांग की। एक करोड़ रुपये, दो बीघे जमीन और पत्नी के लिए सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। इस संबंध में मुकेश की पत्नी ने कहा कि वह बालिग है।