मऊ। डोमनपुरा में शुक्रवार को जर्जर भवन की घर छत गिरने से आठ माह के मासूम की मौत के बाद नगर पालिका द्वारा जर्जर भवनों को चिह्नित करने की योजना पर जुटा है।
अगले सप्ताह इसका सर्वे शुरू हो सकता है। बीते वर्ष नगर पालिका द्वारा 78 जर्जर भवनों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया, लेकिन यह कवायद सिर्फ नोटिस तक सीमित रही। इसके बाद निगरानी नहीं रखी गई।
नगरपालिका क्षेत्र में दर्जनों जर्जर मकान हादसे को दावत दे रहे हैं। 2024 में नगर पालिका ने अली बिल्डिंग सहित 78 भवनों को चिह्नित किया था, इसमें कुछ भवन डोमनपुरा में भी है, जहां बीते शुक्रवार को जर्जर भवन की छत गिरने से एक आठ माह के मासूम की जान चली गई जबकि चार से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
बीते साल के आंकड़ों को देखे तो अली बिल्डिंग सहित जर्जर भवन स्वामियों को नोटिस जारी करके मानसून के पूर्व भवन खाली करने को कहा गया था। इसमें कुछ लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए मरम्मत कराया था।
नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका सर्वे कराएगा। इसकी कवायद शुरू की गई है, जिसमे मई में यह सर्वे कार्य पूरा कर लिया जाए। जिसके बाद इसकी रिपोर्ट प्रशासन को देने के साथ नोटिस जारी किया जाएगा।
शहर के कई गलियों की हालत तो ऐसी है कि वहां दो बाइक एक साथ नहीं जा सकतीं हैं। इसमें कई जर्जर भवनों को नगर पालिका द्वारा पूर्व में जर्जर चिह्नित कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी गई थी।
यहां जर्जर भवन किए गए है चिह्नित
जर्जर भवनों की बात करें तो भीटी में, ब्राह्मणपुरा, हरिकेशपुरा, बल्लीपुरा, छेदापुरा, इब्राहिमाबाद, औरंगाबाद, मुंशीपुरा, सहादतपुर, डोमनपुरा, रसूलपुरा, घासीपुरा, रामपुर चकिया, बख्तावरगंज, गालिबपुर, बड़ापोखरा, रघुनाथपुरा, यूसुफपुर, काजीटोला, पुराफिखन, बड़ी कम्हरिया, राजारामपुरा और प्यारेपुरा में भवन चिह्नित किए गए हैं।