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गोरक्षा के नाम पर बेकसूरों की हो रही हत्या

Fri, 14 Jul 2017 11:38 PM IST
mau news
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धरना प्रदर्शन को संबोधित दिल्ली से आए मौलाना असगर अली।
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मऊ। भारत लोकतांत्रिक देश जिसका संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। आज देश की अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध गोरक्षा के नाम पर बेकसूरों की हत्या की जा रही है। दलितों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। ये बातें पूर्व विधायक इम्तेयाज अहमद ने मऊ नागरिक मंच की ओर से शुक्रवार को छीतनपुरा स्थित नई ईदगाह के पास आयोजित धरना में कहीं।        
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धरना सभा में मऊ नागरिक मंच के संरक्षक मुफ्ती अनवर अली ने कहा कि रमजान में मऊ के नसीरपुर में हुई घटना ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया। मुफ्ती अनवर अली ने बीते दिनों अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह हमला आतंकियों की कायरता का परिचायक है। सपा जिलाध्यक्ष धर्म प्रकाश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी नफरत की राजनीति के खिलाफ लड़ाई में साथ है। मौलाना अब्दुल हमीद फैजी ने कहा कि नफरत की राजनीति और मासूमों की हत्याओं पर रोक लगनी चाहिए। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर उमर ने कहा कि पाकिस्तान को देश का बड़ा दुश्मन बताने वाले प्रधानमंत्री पाकिस्तान जाकर दावतें खा रहे हैं। मौलाना मजहर अली मदनी ने कहा कि हमारी लड़ाई देश में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ हैं। मौलाना खुर्शीद अहमद मिफ्ताही ने कहा कि आज बेकसूरों की नहीं संविधान की हत्या की जा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रकुंवर सिंह व अबूबकर अंसारी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों मऊ नागरिक मंच को पूरा समर्थन है। देश भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर बेकसूरों की हत्या का विरोध होना चाहिए। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष तैयब पालकी ने कहा कि हम बहुत तकलीफ में यह धरना कर रहे हैं। सपा नेता अल्ताफ अंसारी ने जिले के लोगों ने देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का परिचय दिया है। पूर्व सांसद सालिम अंसारी ने कहा कि मऊ में धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश थी लेकिन जनता ने उसे विफल कर दिया। जयप्रकाश धुमकेतु और इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष लालबहादुर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है लेकिन हमें बिना डरे इसका मुकाबला करना है। अरविंद मूर्ति ने कहा कि देश के नौजवानों को गुमराह करने के लिए नफरत की राजनीति की जा रही है। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अरशद जमाल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पढ़कर सुनाया। धरने में सभी वर्ग, संप्रदाय के लोग, बुद्धिजीवी, व्यापारी, समाजसेवी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहेे।             
इनसेट      
प्रमुख मांगे      
1.    भारतीय संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाया जाए। समाज में नफरत फैलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।      
2.    गोरक्षा के नाम पर तथाकथित गौरक्षक दल की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।      
3.    भीड़ के हमले में मारे गए लोगों के घर वालों को भरपूर मुआवजा दिया जाए। आरोपियों पर केस चलाकर उन्हें कठोर सजा दी जाए।      
4.    जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सभी नागरिकों के जानमाल की सुरक्षा तय करे। कर्तव्यों का पालन न करने वाले अफसरों, कर्मचारियों पर कार्रवाई हो।      
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5.    नसीरपुर में मस्जिद में हत्या की घटना की सीबीआई जांच कराई जाए।      
6.    दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, छात्रों एवं युवाओं तथा कमजोरों पर अत्याचार रोका जाए।
वीरेंद्र चौहान
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