घोसी कोतवाली क्षेत्र के कंधेली गांव में कथित अपहरण की सूचना से पुलिस महकमा घंटों परेशान रहा। जांच में मामला झूठा और मनगढ़ंत निकला। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच आपसी विवाद की पुष्टि होने पर शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया। कंधेली गांव निवासी रवि ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि शनिवार शाम उसके पिता रामजतन बलुआ पोखरा बाजार जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें अवैध असलहे के बल पर पिडऊथ सिंहपुर ले जाकर मारपीट की और अधमरी हालत में छोड़ दिया। परिजन उन्हें घर लाए और उपचार कराया। शिकायत के अनुसार, रविवार सुबह रामजतन अपनी पत्नी के साथ घटना की सूचना देने घोसी कोतवाली जा रहे थे। इसी दौरान दोनों के अपहरण किए जाने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और उनकी तलाश शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा है और एक-दूसरे को फंसाने के लिए साजिश रची जा रही थी।
पुलिस ने पाया कि दंपति का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वे अपनी मर्जी से कहीं गए थे और कुछ समय बाद सकुशल वापस लौट आए।प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जांच में अपहरण की सूचना असत्य पाई गई। दोनों पक्षों के बीच विवाद को देखते हुए शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए उनका चालान एसडीएम न्यायालय भेजा गया है।