संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। दीपावली के एक दिन पहले रविवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बने पूजा पंडालों में स्थापित लक्ष्मी गणेश प्रतिमाओं के पट खुल गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडालों में लक्ष्मी गणेश प्रतिमाओं के पट खुलते ही जगह-जगह मां के जयकारे गूंज उठे। पंडालों में श्रद्धालुओं का आना जाना शुरू हो गया।
श्रद्धालुओं ने मां लक्ष्मी और गणेश की आराधना कर आशीर्वाद लिया। भक्त मां लक्ष्मी गणेश सहित देवी प्रतिमाओं का दर्शन कर भाव विभोर हो उठे। लक्ष्मी पूजन समितियों के कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से पूजा स्थल पर जमे रहे और प्रतिमा स्थापित कराने से लेकर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए।
आरती के समय पंडालों में काफी भीड़ देखी गई। दीपावली पर लक्ष्मी पूजा को धूमधाम से मनाने के लिए पूजा समितियों ने अपनी काफी पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। नगर के ब्रह्मस्थान, भीटी, ख्वाजाजहांपुर, खालसा कानूनचक, सहादतपुरा, मुंशीपुरा, राजाराम का पुरा, राजपुताना उत्तर टोला, राजगद्दी मैदान सहित विभिन्न स्थानों पर बने पंडालों में स्थापित लक्ष्मी प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा हुई।
पट खुलते ही मां के जयकारे से पंडाल गूंज उठे। पट खुलने के बाद पंडालों में काफी भीड़ उमड़ रही थी। श्रद्धालु मां लक्ष्मी का दर्शन करने के लिए लालायित रहे। पंडालों में स्थापित मां लक्ष्मी गणेश की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु बेताब रहे।
लोग मिठाई, फल फूल सहित नैवेद्य चढ़ा कर पूजन अर्चन कर रहे थे। इसके अलावा जिले के अन्य स्थानों पर लक्ष्मी प्रतिमा स्थापित करने की कवायद जोरों पर रही। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में 566 लक्ष्मी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पुरोहितों ने सभी पंडालों में प्रतिमाओं की स्थापना कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा कराकर आरती कराई।
शंखनाद से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। मां लक्ष्मी के जयकारे से पूरा आकाश गुंजायमान हो गया। नगर क्षेत्र में चहल पहल देखते ही बन रही थी।