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Mau News: पांच साल की थी गारंटी, अब तीसरे साल में फिर बन रही 55 लाख से सड़क, इसी महीने शुरू होगा आवागमन

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नगर के सईदी रोड के  निर्माण कार्य का निरीक्षण करते नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ।संवाद - फोटो : कतर्नियाघाट संर​क्षित वनक्षेत्र में पर्यटकों को बोटिंग के दौरान दिखा बाघ।
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जिले की सबसे विवादित सड़क महज 600 मीटर सईदी रोड पर इसी माह के आखिरी में आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। 2022 में रेलवे से विशेष अनुबंध के बाद एक करोड़ 29 लाख से बनी सड़क की गारंटी पांच की थी, लेकिन दो साल में उखड़ गई।
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इस सड़क को लेकर अमर उजाला ने जब प्रकाशित किया तो इस सड़क के मुद्दे को सपा सांसद राजीव राय ने संसद में उठाया था। उधर, काफी विवाद के बीच नगर पालिका की मांग पर रेलवे द्वारा इस सड़क को बनवाने के लिए एनओसी जारी करने के बाद 55 लाख से इस सड़क को दुबारा बनाया जा रहा है।
विवादों के चलते इस सड़क की गुणवत्ता की दो अवर अभियंता की टीम की निगरानी के साथ नपाध्यक्ष और ईओ खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि छह सौ मीटर की सड़क को बनवाने को लेकर रेलवे द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की गई थी।
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जिसके बाद तीन जुलाई को अनुमति मिलने के बाद इस सड़क के निर्माण को लेकर टेंडर जारी किया गया। करीब 55 लाख की लागत से इस सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
सड़क बनाने से पहले जलनिकासी की समस्या से पूर्व में सड़क खराब होने की स्थिति में नए सिरे से 90 मीटर का नाला निर्माण का कार्य अलग से पूरा कराया गया। जिसके बाद अब सड़क बनाने के लिए पहले लेयर का कार्य पूरा हो चुका है, अब दूसरा लेयर का कार्य होगा।
सड़क की गुणवत्ता को विशेष ख्याल रखते दो लेयर कुटाई पत्थर से की गई है, उसके बाद इस पर दो लेयर में पिच कार्य किया जाएगा। इस माह में इस सड़क के पूरा होने के बाद आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।

सपा सांसद-नगर पालिकाध्यक्ष के बीच श्रेय लेने की मची थी होड़
नगर का सईदी रोड शुरू से ही चर्चा में रही, पहले तो यह सड़क ठेकेदार द्वारा घटिया कार्य के चलते बारिश के बाद तालाब में तब्दील होने पर चर्चित हुई थी। जब इस सड़क का पुन: निर्माण को लेकर रेलवे ने एनओसी जारी किया तो इस सड़क की मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी नगर पालिका मऊ को मिलने के बाद इस श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई थी। सपा सांसद राजीव राय ने इस सड़क का निरीक्षण और सदन में मामला उठाने पर इसकी मरम्मत का एनओसी उनकी पहल पर जारी होने का दावा किया। नगर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने सईदी मार्ग का निर्माण नगर पालिका की तरफ से करने की बात कही थी।

रेलवे से जमीन मिलने के बाद हुआ था चौड़ीकरण
सईदी रोड की चौड़ाई काफी कम होने के कारण इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही में काफी दिक्कत होती थी। जिसको लेकर नगर पालिका के तत्कालीन नपाध्यक्ष तैयब पालकी के पहल पर रेलवे से तीन मीटर और नगर पालिका के चार मीटर की सड़क को चौड़ीकरण के बाद वर्ष 2022 में नगर पालिका ने रेलवे से विशेष अनुबंध कर 600 मीटर वाले सईदी मार्ग पर 1.34 करोड़ से बनाया था। पांच साल की गारंटी थी, लेकिन यह दो साल के अंदर ही क्षतिग्रस्त हो गई। इस मार्ग की समस्या को अमर उजाला ने 1.34 करोड़ बनी 600 मीटर सड़क बनी तालाब शीर्षक से प्रकाशित किया था। जिसके बाद मामले को सपा सांसद राजीव राय ने संसद में रेल मंत्री के समक्ष उठाया था।

सईदी रोड का इसलिए है महत्व
विशेष अनुबंध के बाद सईदी रोड की चौड़ाई लगभग सात मीटर हो गई है। सड़क बनने के बाद हट्ठीमदारी पुलिस बूथ से लेकर मुंशीपुरा ओवरब्रिज तक सड़क की चौड़ाई पर्याप्त हो जाने का फायदा जहां मुंशीपुरा तथा अलीनगर रहजनियां के लोगों को मिलेगा, वहीं इसका लाभ बाजार के विभिन्न मुहल्लों को भी मिलेगा। एंबुलेंस से लेकर सभी छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से होकर आसानी से गुजर सकेंगे। वर्तमान में बालनिकेतन रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माण कार्य शुरू होने से इस सड़क का महत्व कई गुना बढ़ गया है।
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