नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को बसंत पंचमी मनाई गई। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हवन कर सामूहिक रूप से मां सरस्वती की पूजा की। भव्य पूजा पंडालों में प्रतिमाओं को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापित किया गया।
पट खुलते ही मां के जयकारे से पंडाल गूंज उठे। जिले में करीब 18 स्थानाें पर पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। बसंत पंचमी पर जिले के अधिकांश शिक्षण संस्थाओं में सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया।
नगर क्षेत्र के ब्राह्मण टोला स्थित राजगद्दी मैदान, अंधामोड़, संस्कृत पाठशाला, सहादतपुरा, नरईबांध सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित पूजा पंडालों में सरस्वती पूजन किया गया। ग्रामीण इलाकों में भी वसंत पंचमी मनी।
उमापुर, अलीनगर, कोपागंज स्थित चेलाराम का पुरा, बड़ी रस्तीपुर, छोटी रस्तीपुर, बगली पिजड़ा, डुमरांव, सलाहाबाद, बकवल, बेलचौरा और सरवां जैसे विभिन्न गांवों के पंडालों में विधि विधान से सरस्वती प्रतिमा प्रतिष्ठापित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन अर्चन किया गया।
श्रद्धालुओं के जयकारे से वातावरण भक्तिमय रहा। प्रतिमा का विसर्जन जुलूस भी निकाला जाएगा, जो भीटी स्थित तमसा तट तक जाएगा। रतनपुरा: ब्लाॅक क्षेत्र के रतनपुरा बाजार, गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, दतौड़ा, बीबीपुर, सिधवल, खालिसपुर, मुस्तफाबाद, मड़ैली, सेहबरपुर सहित विभिन्न इलाकों में पर्व धूमधाम से मनाया गया।
बढुआगोदाम: क्षेत्र के डुमरांव, ताजोपुर, बहरीपुर, पनियरा, कहिनौर, बढुआगोदाम, उस्मानपुर, पिपरी, रैकवारडीह, भार सहित विभिन्न इलाकों के स्कूलों, काॅलेजों में बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है वसंत पंचमी
बसंत पंचमी के अवसर पर सैनिक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ताजोपुर में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। सैनिक कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सैनिक कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी, सैनिक आईटीआई, शिवनंद सैनिक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीण सैनिक अस्पताल के कर्मचारियों ने वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत किया। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन ब्रिगेडियर डॉ. प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि वसंत पंचमी ज्ञान, कला, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।