रविवार को नदी की सफाई करतीं राष्ट्रीय ललित कला प्रशिक्षण विकास परिषद संस्था से जुड़ी लड़कियां।
जिला प्रशासन के प्रयास से तमसा को निर्मल बनाने का शुरू हुआ अभियान रविवार को छठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान अधिकारी से लेकर सामाजिक संगठन और अन्य लोगों की सहभागिता रही। गाय घाट पर तमसा के बहाव में गतिरोध बने पुराने पुल के मलबे को हटाने के लिए मंगाया गया पोकलैंड दोपहर तक एक अवरोध को हटाने में सफल रहा। अवरोध हटते ही घाट पर जुटी भीड़ खुशी से झूम उठी।
इसके अलावा अन्य घाटों पर भी तमसा की सफाई का अभियान चला। रविवार को जिलाधिकारी के न रहने पर अपर जिलाधिकारी शिवकुमार शर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने सफाई अभियान का जायजा लिया।बताते चलें नगर मऊ नगर क्षेत्र के भदेसरा से तमसा शुरू होती है, जो नगर के उत्तरी छोर से पूरे नगर से होकर गुजरी है। तमसा के लिए भीटी स्थित मड़या घाट नगर पालिका का अंतिम क्षेत्र है। बीते कई वर्षों से कम बरसात होने के कारण तमसा में पानी की कमी हो गई है, इसके साथ ही साथ नदी में व्याप्त अवरोध नदी में मौजूद थोड़े बहुत पानी के बहाव में अवरोध बनने लगा था।
मंगलवार को अभियान शुरू होने से पूर्व हुई बैठक में ही यह तय हो गया था कि तमसा के बहाव में अवरोध बने पुराने पुल के मलबे को भी हटाना है। जिलाधिकारी के प्रयास से पोकलैंड की व्यवस्था की गई। जो पांचवें दिन से ही अभियान को और भी सफल बनाने में सहायक हुई। छठवें दिन पोकलैंड ने पुराने पुल के गिरने के बाद नदी में गिरे मलवे में से एक को पूरी तरह से हटा दिया।छठवें दिन के अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ एआरटीओं सौरभ, डीएफओ अनिरुद्ध पांडेय आदि मौजूद थे।