दुबारी मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर गांव के बिंटोलिया पुरवा में घाघरा नदी के उग्र रुप धारण करने से गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मंगलवार की रात कई पेड़ों तथा मकान का कुछ भाग नदी में विलीन होने से गांववासियों की नींद उड़ गई है। प्रशासन की तरफ से कटान रोकने का उपाय नहीं किया जा सका है। परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर गांव के बिंटोलिया पुरवा में घाघरा नदी के हफ्तों से कटान होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। अब तक एक दर्जन परिवारों का मकान नदी के जद में आ गया है। नदी कटान की गति कभी तीव्र कभी धीमी होने से कटान पीडितों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही थी। लोग जाग कर रात बिता रहे हैं। शासन के तरफ से घाघरा नदी में डाईवर्जन निर्माण कार्य रुक जाने से गांववासी दहशत में जी रहे हैं। गत वर्ष 50 घर और हजारों एकड़ जमीन उपजाऊ घाघरा में विलीन हो गई थी। जबकि वर्षों से कटान समस्या को लेकर गांव के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहींकिया जा सका है। शासन की तरफ से 12.34 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ड्रेजिंग डाईवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना के तहत छह किलोमीटर लम्बा चौड़ा तीन मीटर गहरा करने को था लेकिन निर्माण कार्य देरे से शुरू हुआ, जिसके कारण घाघरा नदी डाईवर्जन कार्य पूरा भी नहीं हो सका है।घाघरा नदी में जलस्तर बढने से डाईवर्जन निर्माण कार्य बंद हो गया है। इस संबंध मेें रामजतन सहानी, भुपेंद्र सहानी, धर्मेंद्र सहानी, रामदेव सहानी, रविंदर सहानी, रामलाल सहानी, अजय सहानी, गोरख सहानी, लाली सहानी का कहना है कि कटान समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि कटान समस्या को लेकर शासन का जो भी आदेश होगा अनुपालन कराया जाएगा।