संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। जिला अस्पताल में पहले ही चिकित्सकों की कमी से मरीज के उपचार प्रभावित हो रहे थे। अब फार्मासिस्ट की कमी से अस्पताल प्रशासन सहित मरीजों को दो चार होना पड़ रहा है। अस्पताल में कुल 11 फार्मासिस्ट के पदों के सापेक्ष मात्र 6 कार्यरत हैं।
उसमें एक अवकाश पर हैं। मरीजों को हो रही परेशानी के लिए सीएमएस ने सीएमओ को पत्र लिखकर फार्मासिस्ट की मांग की है।
जनपद की 24 लाख आबादी के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में कुल 35 चिकित्सकों के पद के सापेक्ष अभी मात्र 21 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। पिछले 3 सालों से चिकित्सक की कमी से जूझ रहे अस्पताल में अब फार्मासिस्ट की कमी से भी उपचार संबंधित कार्य बाधित होने लगे।
जिला चिकित्सालय में अभी मात्र 6 फार्मासिस्ट ही कार्यरत हैं। फार्मासिस्ट सुमित पांडेय बीमारी से अवकाश पर हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार छह फार्मासिस्ट में भुवनेश्वर प्रसाद के पास प्रशिक्षण, सभागार, ड्यूटी लिस्ट और सफाई के कामों की जिम्मेदारी है।
हरेंद्र यादव ओपीडी में चिकित्सक के साथ मौजूद रहते हैं। स्टोर रूम की जिम्मेदारी महेंद्र चौहान के पास है। ट्राॅमा विंग और इसीजी के संचालन का काम भानु प्रकाश के जिम्मे हैं। जबकि सत्यवान और सतीश आपातकाल रिकॉर्ड रूम और दिन और रात में होने वाली ड्यूटी करते हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फार्मासिस्ट की कमी से कुछ कर्मियों को डबल ड्यूटी करनी पड़ रही है।
सुबह नौ बजे से ओपीडी दोपहर दो बजे तक चलती है। लेकिन आपातकाल में 24 घंटे तक मरीजों का उपचार होता है, जहां तीन शिफ्ट में ईएमओ के साथ फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगती है। आपातकाल में ही 24 घंटे में तीन फार्मासिस्ट की आवश्यकता है। वहीं रात में ड्यूटी करने वाले काे अगले दिन अवकाश दिया जाता है। वर्तमान में फार्मासिस्ट की कमी से आपातकाल में काम प्रभावित हो रहा है।