समय सीमा बीतने के बाद भी जिला अस्पताल में अधूरा पड़ा डायलसिस यूनिट का निर्माण कार्य।
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मऊ। जिला अस्पताल में बन रही डायलिसिस यूनिट सालभर बाद भी बनकर तैयार नहीं हुई। कारण, बजट आवंटित होने के बाद भी धन का नहीं मिलना बताया जा रहा। ऐसे में किडनी के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ रहा। उधर, अस्पताल प्रशासन बजट के लिए प्रस्ताव भेजे जाने की बात कहते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा। जिला अस्पताल में दस बेड की डायलिसिस यूनिट बनाने का प्रस्ताव जुलाई 2018 में स्वीकृत हुआ था। काम स्वीकृत होने के बाद 23 लाख 22 हजार रुपये का बजट स्वीकृत करते हुए पहले चरण में 7 लाख 65 हजार रुपये फरवरी 2019 में मुहैया कराया गया। मार्च माह तक केवल 30 फीसदी तक काम पूरा होने के बाद इसका निर्माण बंद कर दिया गया। बीते करीब एक साल से काम बंद है। अस्पताल प्रबंधन बजट न आने के चलते काम बंद होने की बात कह रहा है। उधर डायलिसिस यूनिट कार्य के शुरू होने से मरीजों को काफी उम्मीदें जगी थी कि अब उन्हें निजी अस्पतालों में अधिक रुपये खर्च कर डायलिसिस नहीं कराना पड़ेगा। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि डायलिसिस यूनिट का काम बजट के अभाव में बंद है। बजट को लेकर आला अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजा चुका है। बजट मिलेगा तो डायलिसिस यूनिट का निर्माण कार्य फिर से शुरू कराया जाएगा।