बढुआ गोदाम। इस वर्ष जनपद में खरीफ सीजन में कृषि विभाग की तरफ से किसानों से मोटे अनाज की बुवाई कराने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। खरीफ को लेकर कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। कई ऐसे अनाज है जो धीरे-धीरे विलुप्त हो चुके हैं। उनके बीज भी उपलब्ध कराने का इंतजाम किया गया है। इस वर्ष जनपद में जायद की अलग अलग फसलों की खेती के लिए 1836 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष 1,999 हेक्टेयर में किसानों ने खेती की है। अप्रैल के आखरी महीने में हुई बारिश ने जायद की खेती के लिए संजीवनी का काम किया है। किसानों ने खेतों को तैयार कर जायद फसलों की बुवाई भी कर दी इस वर्ष जायद की फसल के लिए कृषि विभाग की तरफ से कुल 1836 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था हालांकि लक्ष्य से अधिक कुल 1999 हेक्टेयर में जाए की खेती हुई है। हर वर्ष से अधिक इस वर्ष मक्का की खेती भी अधिक है इसके अलावा मूंग, उड़द, सूरजमुखी, सब्जी और हरा चारा की खेती हुई है जो मोटा अनाज की श्रेणी में आते हैं बताया जाता है कि मक्का के अलावा अन्य खेती धीरे-धीरे विलुप्त हो गई थी अब किसानों का रुझान इस खेती की ओर बढ़ा है जिले में 804 के सापेक्ष 934 में सब्जी की खेती किसानों ने की है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि सरकार का मोटे अनाज के उत्पादन पर काफी जोर है किसानों को बीज भी मुहैया कराए जा रहे हैं रवि और खरीफ सीजन के लिए अलग-अलग मोटे अनाजों की बुवाई के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। जायद में इन फसलों की हुई खेती।