मऊ। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क नामांकन में इस बार विभाग ने ऑनलाइन आवेदन किए जाने का आदेश दिया है। इसके लिए दो मार्च से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, लेकिन शिक्षा का अधिकार लागू कराने में विभाग ही सबसे बड़ा रोड़ा बना है जिससे अभिभावकों में रोष है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण 500 से अधिक विद्यालयों का आरटीई की वेबसाइट पर अपलोड नहीं करने से बच्चों का भविष्य दांव पर है।
अभिभावक अपने बच्चे का नामांकन नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि जिस विद्यालय में अभिभावक नामांकन कराना चाहता है, वह स्कूल वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रदर्शित नही हो रहा है। इससे सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना पर दाग नजर आ रहा है। शिक्षा का अधिकार लागू कराने में विभाग ही सबसे बड़ा रोड़ा बना है जिससे अभिभावकों में रोष है। अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर होने वाले मुफ्त नामांकन में इस बार विभाग की तरफ से काफी दुश्वारियां देखने को मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने इस बार निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत सभी दाखिले को ऑनलाइन कर दिया है। सभी स्कूलों को ऑनलाइन शिक्षा के अधिकार वेबसाइट पर उनका रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश जिलाधिकारी के माध्यम से बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिया गया था। मगर, जनपद में शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण मात्र 140 स्कूलों का रजिस्ट्रेशन हो पाया है। इससे जनपद में बहुत स्कूलों में इस बार एक भी मुफ्त नामांकन नही हो पाएगा। हजारों बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। वेबसाइट पर स्कूलों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने से इस बार मुफ्त में दाखिला कम होने की आशंका जताई जा रही है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस दशा में ऑफलाइन आवेदन का विकल्प दिया जाए। विभाग की लापरवाही से अभिभावकों में काफी रोष है।