ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की हत्या के मामले में जिला जज अनिरुद्ध सिंह ने शुक्रवार को अपना फैसला नहीं सुनाया। हालांकि उन्होंने देर शाम यह मामला सुनवाई के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन राजीव गोयल के यहां स्थानांतरित कर दी।
उधर उच्च न्यायालय ने राकेश पांडेय की ओर से दाखिल स्थानांतरण याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। इसके बाद उनके अधिवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने के लिए समय दिए जाने की मांग जिला जज से की। जिला जज ने उनकी अर्जी को सुनवाई के बाद उक्त मामले में फैसला के लिए 22 दिसंबर की तिथि तय की।
ऐसे में सदर विधायक मुख्तार पर संकट टल गया है। फैसला को लेकर कचहरी परिसर व आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहा स्थित यूबीआई के पास ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह की 29 अगस्त 2009 को गोली मारकर हत्या करने का है। इस दौरान गोली लगने से राजेश राय व शब्बीर शाह घायल हो गए।
बाद में राजेश राय की मौत हो गई। हरेंद्र सिंह की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद सदर विधायक मुख्तार अंसारी सहित 11 लोगों पर आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मामला जिला जज की कोर्ट में चल रहा है।
इसमें अभियोजन की ओर से 17 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज ने अपना फैसला 18 दिसंबर को सुनाने की तिथि तय की थी। लेकिन आरोपी के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र देकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने के समय की मांग की।
जिस पर जिला जज ने सुनवाई के बाद फैसले के लिए 22 दिसंबर 2015 की तिथि तय की। लेकिन शाम को केस को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन राजीव गोयल के यहां स्थानांतरित कर दिया। सुबह के समय फैसले को लेकर कचहरी परिसर व आसपास सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त रहे।
डाग स्क्वायड के साथ पुलिस कचहरी परिसर व आसपास सघन तलाशी ली। यही नहीं मामले में फैसला की जानकारी लेने के लिए अधिवक्ता, वादकारियों के अलावा राजनीतिक क्षेत्र के लोग कचहरी परिसर में काफी देर तक मौजूद रहे।