मऊ। महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस लाइन में हुई। इस दौरान कुल 30 मामले आए जिसमें पांच का समाधान हुआ। सुलह समझौते से एक दंपती साथ रहने के लिए राजी हुआ जबकि दो मामलों में सुलह नहीं हुआ जिससे दोनों पत्रावलियों को अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित किया गया। पांच मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए मोहलत मांगी।
बैठक में 13 मामलों में से सात मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ जिसके चलते बैठक 7 मार्च को बुलाकर पक्षकारों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया। इस दौरान सोनी देवी और वकील साहनी ने मतभेद भुलाकर साथ रहने को तैयार हो गए। वहीं सुषमा चौहान और प्रवीण कुमार के मामले में पीड़िता के अनुरोध तथा शाइस्ता और दानिश के मामले में पक्षकारों की अनुपस्थिति में पत्रावली निस्तारित कर दी गई। डिम्पल चौरसिया और सुनील तथा सजीदा बानो और इरशाद के मामले में पक्षकारों के बीच सुलह न होने पर पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। समीना खातून और सलाउद्दीन, शबनम बानो और मोहम्मद अफजल, गीता सिंह और अमित सिंह, सहाना खातून और खुर्शीद अहमद तथा नीतू सिंह और अजय सिंह ने सुलह के लिए समय की मांगा। बैठक में प्रतिसार निरीक्षक विजय कुमार सिंह, सदस्य सर्वेश दूबे, इब्राहिम सेवक, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, मौलवी अरशद, डा. एमए खां, महिला आरक्षी प्रीति दुबे और सोनी सिंह रहीं।