जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान खाली पड़ा चिकित्सक का कक्ष।
डीएम ने मंगलवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में तमाम खामियां सामने आईं। डीएम ने चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई। लापरवाही पर डीएम ने संविदा चिकित्सक, स्टाफ नर्स, न्यूट्रीशियन की सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया। वहीं एक फिजिशियन तथा एक्स-रे टेक्नीशियन के खिलाफ कार्यवाही करने को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया। अस्पताल में भारी दुर्व्यवस्था मिलने पर सीएमएस के खिलाफ शासन को पत्र लिखने का आदेश दिया। अमर उजाला ने अपने 26 जनवरी के अंक में चिकित्सकों के कक्ष में लटक रहा था ताला शीर्षक से अस्पताल की दुर्व्यवस्था को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को चेतावनी देने के बाद भी अस्पताल की व्यवस्था मेें सुधार नहीं दिख रहा था। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु मंगलवार को अचानक जिला अस्पताल जा पहुंचे। उनके निरीक्षण तमाम खामियां सामने आईं। निरीक्षण के समय कंधेरी की स्नेहलता ने डीएम को बताया कि एक्सरे के लिए चार दिनों से दौड़ाया जा रहा है। ओपीडी का कक्ष संख्या छह खुला तो था, लेकिन चिकित्सक नदारद रहे। जिलाधिकारी ने एक्स-रे टेक्नीशियन एनके वर्मा एवं ब्लड टेक्नीशियन दरोगा सिंह के खिलाफ कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया।
इसके बाद कंप्यूटर कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य पाया। जिलाधिकारी ने एक दिन पूर्व रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के कुपोषित बच्चा शिवम को अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया था। लेकिन बच्चे को भर्ती नहीं किया गया था। रजिस्टर पर भी अंकित नहीं किया गया था। चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों को फटकार लगाई।
डीएम ने संविदा पर तैनात डॉ. एमपीसिंह एवं तारा (स्टाफ नर्स), पूजा न्यूट्रीशियन की सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया। वार्डों का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती मरीज किरन और रोजी ने डीएम को बताया कि अस्पताल में नाम मात्र ही दवा मिलती है। काफी संख्या में दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है। जिलाधिकारी ने दवा लिखने वाले चिकित्सक एके राय को तलब किया। ब्लड बैंक के टेकनीशियन, एक्स-रे टेकनीशियन की शिकायत पर इनके खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश सीएमएस को दिया। डीएम ने सीएमएस के खिलाफ शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिया। अस्पताल में दवा होने के बावजूद बाहर की दवा लिखने पर डॉ. एके राय के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिया। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने अस्पताल के निरीक्षण के बाद बताया कि अस्पताल में व्याप्त दुर्व्यवस्था के लिए सीएमएस उत्तरदायी हैं। कार्य में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।