डाला छठ में उपयोग में आने वाली वस्तुओं की खरीदारी के लिए सोमवार को पूरे दिन बाजारों में भीड़ रही। खरीदारी करने वालों की भीड़ का आलम यह रहा कि आजमगढ़ मोड़ से लेकर रोडवेज और भीटी में दिनभर जाम लगा रहा। छठ पूजा में सेब, केला, अनार, संतरा, अमरूद के साथ नीबू, मौसमी, अनानास से लेकर सभी प्रकार के फल नारियल आदि की दूकानें सड़क के किनारे एक दिन पहले से ही सज गईं।
सोमवार की सुबह से लोगों में इन सामानों को खरीदने की होड़ सी लग गई । दुकानदार भी टेंट और कुर्सियां लगाकर ग्राहकों की आवभगत करते हुए सामानों की बिक्री कर रहे थे। इन दुकानों पर एक से बढ़कर एक दुर्लभ फल सामान जुटाकार रखे गए थे। सिंघाड़ा और मूली आदि के दामों में वृद्धि देखी गई।
इस त्योहार में कुछ दूकानदार ऐसे फल भी बेच रहे थे जो अखाद्य हैं। ठेलों पर लादकर अर्जुन वृक्ष के फल जो किसी काम में नहीं आते उसे भी तीन से रुपये से लेकर पांच रुपये में बेच रहे थे। यूं तो व्रत रहने वाली महिलाएं कई दिन पहले से ही कपड़ों की खरीदारी कर रही थीं।
फिर भी सोमवार को कपड़ों की दूकानों में काफी संख्या में वस्त्रों की खरीदारी की। दूर दराज गांवों से व्यवसायी ट्रकों और ट्रैक्टरों से गन्ना खरीद कर शहर में लाए हैं। उन्हें अलग अलग स्थानों पर रखकर बेच रहे हैं। छठ पर्व पर गन्ना भी उपयोग में लाया जाता है, जिसे तालाबों, सरोवरों में खड़ा कर व्रती महिलाएं उपासना करती हैं।
छठ पर्व के चलते फलों के दाम सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी महंगे बिक रहे थे। लौकी जिसकी सब्जी सोमवार की शाम को खाने के बाद महिलाएं व्रत रहती हैं, काफी मंहगी बिकी। मंडी में ही उसका दाम सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना था। महंगी लौकी कीर खरीददारी भी लोगों ने की।
अधिकांश लोग तो सुबह ही सब्जी मंडी में पहुंच गए थे। सब्जी और फल मंडी में भी छठ पूजा का असर दिखा। मंडी में फल , शकरकंद और विभिन्न प्रकार के खाद्व अखाद्व सामानों की खरीददारी लोगों ने की। जिले के कोपागंज , घोसी, मधुबन, दोहरीघाट, मुहम्मदाबाद गोहना अमिला रानीपुर रतनपुरा , पहसा आदि बाजारों में लोगों ने सामानों की खरीददारी की ।