मऊ। जिले में मूसलाधार बारिश होने के साथ ही घाघरा में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। बाढ़ चौकियां स्थापित करने के साथ ही अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नदियों की स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। घाघरा तथा तमसा नदी प्रतिवर्ष कहर बरपाती है। बाढ़ से दोहरीघाट, मधुबन क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ कीजद में आते हैं। बृहस्पतिवार को हुई मूसलाधार बारिश तथा घाघरा, तमसा नदी में उफान देख जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने के लिए अपनी-अपनी कार्य योजना जिलाधिकारी को भेज दी है। बाढ़ से निपटने के लिए जिले में लगभग 100 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। मधुबन, दोहरीघाट सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 120 नावों की व्यवस्था की गई है। नावों एवं नाव चालकों का नाम, मोबाइल नंबर आदि का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। राहत सामग्री वितरण के लिए खाद्यान्न का टेंडर भी हो गया है। विभागीय कार्य पूरा होते ही जरुरत के मुताबिक खाद्यान्न का आवंटित किया जाएगा। बाढ़ खंड आजमगढ़ तथा सिंचाई विभाग को नदी से होने वाले कटान रोकने के लिए सभी उपाय करने का निर्देश दिया गया है। अपर जिलाधिकारी के. हरि सिंह ने बताया कि कि बाढ़ से निटपने की सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। उपजिलाधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।