यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के मूल्यांकन में अनुपस्थित रहने वाले परीक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मूल्यांकन में लगभग 48 प्रतिशत परीक्षक ही शामिल हुए थे। अब बोर्ड ने अनुपस्थित परीक्षकों और उप प्रधान परीक्षकों का विवरण तलब किया है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के मूल्यांकन के लिए जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। 4,16,801 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए 210 उप प्रधान परीक्षकों और 2031 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। 19 मार्च से शुरु मूल्यांकल दो अप्रैल 2025 तक चला। इसके बाद भी लगभग 48 प्रतिशत परीक्षकों ने ही मूल्यांकन किया। इस पर विभाग ने लापरवाह परीक्षकों के खिलाफ नोटिस जारी किया था।
बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य में अनुपस्थित उप प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों का विवरण मांगा है। सूत्राें की मानें तो अनुपस्थित परीक्षकों की आगामी बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी नहीं लगेगी। उन पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी भी है। बोर्ड ने नियुक्त जिन परीक्षकों और उप प्रधान परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य नहीं किया, उनका विवरण निर्धारित प्रारूप में परिषद के ईमेल आईडी पर एक सप्ताह के भीतर मांगा है। जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने बताया कि मूल्यांकन केंद्रों के उपनियंत्रकों से रिपोर्ट मांगी है। बोर्ड के प्रारुप पर अनुपस्थित परीक्षकों का विवरण भेजा जाएगा।