इंदारा स्टेशन पर अमान परिवर्तन के शिलान्यास का लगा शिलापट्ट।
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दोहरीघाट-इंदारा रेल मार्ग के आमान परिवर्तन का कार्य टेंडर प्रक्रिया में फंसकर शिलान्यास के दो वर्ष बाद भी नहीं शुरू हो सका। विभाग की मानें तो पूर्व में कराए गए टेंडर प्रक्रिया में किसी ने भाग ही नहीं लिया। ऐसे में अब रेल मंत्रालय नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। टेंडर प्रक्रिया अधर में होने से जहां लोग इस सुविधा से वंचित है, वहीं काम शुरू न होने पर भी बहाल रेलवे बस की सुविधा भी रेलवे ने बंद कर दी है।
दो दशक पूर्व वाराणसी, मऊ, भटनी, छपरा, मऊ शाहगंज की मीटर गेज को ब्राडगेज में बदल दिया गया। इन पर लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलने लगीं लेकिन इंदारा-दोहरीघाट रेल मार्ग उपेक्षित रह गया। जिसको ब्राडगेज में बदलने की मांग को देखते हुए 2016 में भाजपा सरकार ने रेल बजट में इस 35 किमी लंबे इंदारा-रेल मार्ग के अमान परिवर्तन की स्वीकृति दी थी। आमान परिवर्तन का शिलान्यास 20 अक्तूबर 2016 को रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने किया था।उन्होनें शिलान्यास समारोह में 165 करोड़ का बजट स्वीकृत होने की बात कही थी। पूर्वोत्तर रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने कहा था कि आमान परिवर्तन का यह कार्य वर्ष 2018 में पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक रेलमार्ग पर काम शुरू नहीं हो सका है।
गोरखपुर मंडल के अधिशासी अभियंता विकास सिंह ने बताया कि अमान परिवर्तन का कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत करना है। इसके लिए रेलवे द्वारा शिलान्यास के कुछ माह बाद अमान परिवर्तन कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया हुई थी। लेकिन टेंडर में कोई शामिल ही नहीं हुआ। अब टेंडर प्रक्रिया की कवायद दुबारा की जा रही है।
इस बाबत जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि गोरखपुर महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल द्वारा गत दिनों मऊ का दौरा किया गया है। जहां उनके द्वारा अधूरे पड़े वाशिंग पिट का निर्माण आगामी 6 माह के अंदर पूरा कराने के साथ जल्द ही अमान परिवर्तन शुरू कराने की बात कही गई है।
पीआरओ ने कहा कि शीघ्र ही अमान परिवर्तन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।