निकायों में सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर हो रहे आवेदन में डाक विभाग की लापरवाही के चलते हजारों अभ्यर्थी परीक्षा देने के पहले ही बाहर हो गए। निकायों को समय से आवेदन ना भेजने के चलते ऐसे फार्म रिजक्ट होकर अभ्यर्थियों के यहां पहुंच रहे हैं। इसमें हजारों ऐसे आवेदन शामिल हैं जो समय से भेजने के बाद भी रिजक्ट हो रहे हैं। समय से पहले भेजे गए दो आवेदनों की शिकायत को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया है।
नगरपालिका सहित निकायों में सफाईकर्मियों के रिक्त पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त को नियति की गई थी। विभाग की लापरवाही पुनीत शर्मा पुत्र मुरली शर्मा एवं सुधाकर पुत्र बेचू राम के चलते उजागर हुआ। पीड़ितों ने बताया कि वो सफाई कर्मी में भर्ती के लिए बीते चार अगस्त को परदहां ब्लाक स्थित डाक घर से अपना आवेदन नगर पालिका मऊ को रजिस्ट्री किया। यह फार्म डिलेवर नहीं हुआ, बल्कि 23 अगस्त को दोनों के पास वापस पहुंचा। समय से रजिस्ट्री करने के बाद भी आवेदन फार्म एक्सेप्ट नहीं होने की बात दोनों को आश्चर्यचकित की। पीड़ितों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से की।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया, साथ ही मामले की जांच अपर जिलाधिकारी शिवकुमार शर्मा और जिला सूचना अधिकारी जितेंद्र सिंह को सौंपी। शंभूनाथ शर्मा ने कचहरी परिसर में स्थित परदहां डाक खाने के पोस्टमास्टर से जानकारी प्राप्त की, इस दौरान पता चला कि यह डाक मुहम्मदाबाद गोहना के एक फ्रेंचाईजी के माध्यम से पांच अगस्त को आरएमएस में भेज दिया था। वहां डाक रिसीव हुआ है। जांच टीम जब आरएमएस (रेलव मेल सर्विस) पहुंची, तो पूरा मामला उभकर सामने आने लगा। यहां पता चला कि हजारों अभ्यर्थियों का आवेदन समय से रजिस्ट्री ना करने एवं विभाग में ही कई दिनों तक पड़े रहने पर वापस लौटा दिया गया।
हजारों अभ्यर्थी जो सफाईकर्मी के लिए आवेदन किए थे, इसका परिणाम हुआ की परीक्षा से पहले ये अभ्यार्थी रिजक्ट हो गए। दोनों अभ्यर्थियों की जांच की गई तो पता चला कि इनके आवेदन फार्म को पांच अगस्त को रिसीव किया गया था लेकिन उसे आफिस में ही देर तक रोका गया, अंतिम तिथि 12 अगस्त के बाद उसे नगरपालिका को भेजा गया, इस कारण नगर पालिका ने उसे वापस कर दिया। इस संबंध में जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि आरएमएस में आवेदन भेजने में कुछ गड़बड़ी मिली है, अभी मामले की पूरी जांच पड़ताल चल रही है।
प्रथम दृष्टया डाक विभाग दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आरोपियों के विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए गोरखपुर स्थित डाक विभाग के महाप्रबंधक को पत्र भेजे। इसमें जिलाधिकारी ने दोषियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति किया है।