फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोटेदार के कोर्ट से दावा उठाने पर प्रशासन ने अपनाई कोटा आवंटन की प्रक्रिया

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ/अमिला। घोसी तहसील और बड़राव ब्लाक के जमुआरी गांव में मंगलवार को प्रशासन ने कोटे की दुकान का आवंटन करने की प्रक्रिया तब अपनाई, जब मृत कोटेदार के पुत्र ने कोर्ट में दाखिल रिट को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दिया। बात करने पर कोटेदार के पुत्र ने बताया कि वह कोटे की दुकान पाने के लिए हाईकोर्ट की शरण लिया था। लेकिन बाद में उसके पिता के मित्र ने उसे जब समझाया तो वह दुकान के लिए कोर्ट में किए गए दावें को वापस ले लिया। हालांकि इसमें सुनवाई चार नवंबर को होनी है। लेकिन वह अपने दावे को वापस ले लेगा।
विज्ञापन

कोटेदार की दुकान पाने के लिए कोर्ट में दावेदारी करने वाला कमलेश चौहान पांजेपार गांव का निवासी है। उसने बताया कि काफी समय पूर्व जमुआरी और पांजेपार गांव एक ग्राम सभा थी, वर्ष 2016 में हुए परिसीमन में दोनों गांव अलग हो गए। इस दौरान इस दौरान दोनों गांव के लिए कोटे की दुकान एक हुआ करती थी। उसके पिता रामचंद्र चौहान कोटेदार हुआ करते थे। लेकिन जब गांव अलग हुआ तो रामचंद्र चौहान पांजेपार गांव का कोटा छोड़कर जमुआरी का कोटा लेकर चलाने लगे थे। नौ मई 2020 को उसके पिता रामचंद्र की मौत हो गई, इस पर वह कोटे की दुकान पाने के लिए दावा किया। इस बीच गांव के प्रधान नागेंद्र यादव ने कोटे की दुकान गांव में संचालित बाबा रामधारी स्वंय सहायता समूह को देने का प्रस्ताव कर दिए। इस पर कमलेश चौहान कोर्ट की शरण लिया।
कोर्ट में मामला लंबित था, दूसरी तरफ कोटे की दुकान का आवंटन करने का दबाव प्रशासन पर था। कमलेश के अनुसार उसके पिता के दोस्त ने उसे समझाया और मामले में सुलह कर दुकान को छोड़ने की सलाह दिया। इस पर बीते दिनों कमलेश ने मामला वापस लेने के लिए कोर्ट में अर्जी डाल दी। इसकी सुनवाई चार नवंबर को होनी है। इस बात की जानकारी होने पर प्रशासन ने प्रधान के प्रस्ताव पर मंगलवार को कोटे की दुकान आवंटित करने की तिथि तय की। हालांकि इस दौरान प्रधान के प्रस्ताव के विरोध में गांव के कुछ लोग खड़े हुए, साथ ही गुप्त मतदान की मांग किए। लेकिन गुप्त मतदान की व्यवस्था न होने पर एसडीएम घोसी आशुतोष राय ने खुली बैठक कराकर आवंटन कराने का आदेश दिया। इस दौरान खुली बैठक में कोटा समूह को आवंटित किया गया। इस आधार पर मंगलवार को एसडीएम घोसी आशुतोष राय ने अपने बयान में बताया कि कोर्ट में लंबित मामले को वापस लेेने के लिए कमलेश ने नोटरी बयान हल्फी डाल दिया है, कोई कानूनी अड़चन न होने पर दुकान के आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें