फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीईटी में दो नकलची दबोचे, किया रस्टीकेट

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा बुधवार को जिले के 48 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। इसमें 35 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षार्थियों को केंद्रों पर तलाशी लेकर अंदर भेजा गया। नगर के ककरीहार स्थित एक परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक ने नकल कर रहे दो परीक्षार्थी को रस्टीकेट कर दिया। पहली पाली में पंजीकृत 24594 के सापेक्ष 23007 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि दूसरी पाली में 9799 पंजीकृत में से 9159 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इनमें 640 लोगों ने परीक्षा छोड़ी।
विज्ञापन

प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 10 बजे से 12.30 तक हुई। जबकि दूसरी पाली अपराह्न ढाई बजे से पांच बजे तक हुई। नगर के डीसीएसके पीजी कालेज, एएल नोमानी इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज, जीवन राम इंटर कालेज, मुस्लिम इंटर कालेज, तालीमुद्दीन इंटर कालेज सहित 48 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। टीईटी को लेकर बुधवार को सुबह आठ बजे से ही परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। परीक्षा केंद्र पर दस बजे परीक्षा शुरू हुई जो 12.30 बजे समाप्त हुई। परीक्षा केंद्र के गेटों पर परीक्षार्थियों की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति दी गई। परीक्षा पर तीन सचल दस्ता तथा 65 मजिस्ट्रेट तथा 65 पर्यवेक्षक नजर रख रहे थे। पहली पाली में पंजीकृत 24594 के सापेक्ष 23007 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। पर्यवेक्षक ने नगर के ककरीहार स्थित पृथ्वीराज चौहान पीजी कॉलेज में नकल करते दो परीक्षार्थी को रस्टीकेट कर दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने नगर के सोनीधापा बालिका इंटर कालेज, डीएवी इंटर कालेज, तालीमुद्दीन इंटर कालेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। नगर के केकेएस से परीक्षा देकर आए परीक्षार्थी धीरेंद्र मौर्य, जयंत कुमार, सुनीता कुमारी का कहना था कि गणित का प्रश्न कठिन रहा। काफी प्रश्न उलझाने वाले रहे। दूसरी पाली में 9799 पंजीकृत में से 9159 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इनमें 640 लोगों ने परीक्षा छोड़ी।
वालेंटियर्स बने स्थानीय निवासी
मऊ। नगर स्थित जिले के टीईटी देने के लिए परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से काफी पहले से ही पहुंचने लगे थे। कोहरे के चलते ग्रामीण इलाकों के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को असुविधा हो रही थी। लेकिन ग्रामीण इलाकों के स्थानीय वालेंटियर्स की तरह काम कर रहे थे। रास्ता भटकने पर लोग रास्ता बता दे रहे थे। इससे परीक्षार्थियों को असुविधा नहीं हो रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें