कोपागंज। नगर पंचायत कुर्थीजाफरपुर में विकास कार्य के लिए शुक्रवार को होने वाला 4.50 करोड़ का टेंडर निरस्त हो गया है। लगातार दूसरी बार टेंडर निरस्त होने से विकास कार्य ठप हो गया है। इससे नगर पंचायत प्रशासन के कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है।
कुर्थीजाफ़रपुर नगर पंचायत की आबादी लगभग 25 हजार है। नगर पंचायत का 2020 में गठन हुआ था, तो लोगो में विकास की आस जगी, लेकिन उनके सपने पर ग्रहण लग गया है। कभी सभासदों ने नगर पंचायत के खिलाफ कार्यों को मनमाने ढंग से कराने की शिकायत की तो कभी आम लोगों ने शिकायत की थी।
कुर्थीजाफ़रपुर नगर पंचायत द्वारा लगभग साढ़े चार करोड़ का टेंडर शुक्रवार को निकलना था लेकिन जिला प्रशासन के आदेश पर टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके तहत वार्ड 11 में पोखरी, सुंदरीकरण, वार्ड नंबर 4 में लाइब्रेरी, सीसी रोड, इंटर लॉकिंग, पाइप लाइन, स्कूल गेट सुंदरीकरण, नाला सफाई सहित अनेक कार्यों को कराना था। मुहल्लेवासियों ने 10 दिन पूर्व मुख्यमंत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत किया था कि नगर पंचायत प्रशासन की तरफ से टेंडर में मनमानी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टेंडर को निरस्त करने का आदेश दिया। अभी हाल में ही 18 लाख का टेंडर निरस्त हुआ था। नगर पंचायतवासियों का कहना था कि टेंडर बार-बार निरस्त होने से विकास कार्य ठप सा हो गया है। मामले की जांच कराकर दोषियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी देवेश मिश्रा का कहना है कि चार करोड़ का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। विकास कार्य के लिए टेंडर निकाला जाएगा।