मऊ। आई स्पर्श स्मार्ट ग्राम योजना जिले में विभागीय उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। पूर्व में इस योजना का पूरा खाका खींचने एवं कार्यों का निर्धारण के साथ ही सरकारी खर्च से हुए टेंडर की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उसे जिस दिन खोला जाना था उसी दिन निरस्त कर दिया गया था। लेकिन इसकी जानकारी लोगों को अब हुई है। इससे संबंधित विभाग के ठेकेदारों में हड़कंप मचा है।
पूरी टेंडर की प्रक्रिया को खत्म कर नए सिरे से करने की कवायद की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध भरी नजरों से देखा जा रहा है कि जब सक्षम अधिकारियों के साथ टेंडर आदि की पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी तो उसे निरस्त क्यों किया गया। अगर निरस्त भी कर दिया गया तो उस धन को शासन को क्यों नहीं भेज दिया या दोबारा उन्हीं नियमों एवं वित्तीय स्वीकृत के आधार पर पुन: क्यों नहीं कराया जा रहा है। उधर टेंडर निरस्त होने की जानकारी के बाद संबंधित गांव के लोगों को भी धक्का लगा है कि कहीं उनका विकास कार्य न प्रभावित हो जाए। इस संबंध में कुछ लोगों ने दोबारा रिटेंडरिंग में धांधली एवं मनमानी की आशंका जताते हुए शिकायत भी दर्ज कराई है।
जिले में पूर्व की सपा सरकार में आई स्पर्श स्मार्ट ग्राम योजना के तहत वर्ष 2016 में तीन गांवों का चयन किया गया था। इनमें फतेहपुर मंडाव ब्लाक के मर्यादपुर एवं रतनपुरा गांव के मीरपुर गांव में विकास कार्यों का खाका मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत खींचा गया था। शासन से इस योजना के तहत वर्ष 2017 में मर्यादपुर में सीसी रोड, नाला सहित विभिन्न कार्यों के लिए 874 लाख एवं मीरपुर में 345.03 लाख कुल 12 करोड़ 19 लाख तीन हजार का स्वीकृत हुआ था। जिलाधिकारी ने इस कार्य को करने के लिए कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया साथ ही वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृत भी प्रदान कर दी थी। इसके तहत 31 मार्च 2017 को टेंडर की सूचना भी प्रकाशित कराई गई और पूरी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। लेकिन दो मई 2017 को जिस दिन टेंडर खोला जाना था उसी दिन तत्कालीन अधिशासी अभियंता एच खान का स्थानांतरण दो मई 2017 को हो गया। उन्होंने जाते-जाते इस टेंडर प्रक्रिया को उसी दिन निरस्त कर दिया लेकिन इसकी जानकारी उन्होंने किसी को नहीं दी। यह मामला विभागीय फाइलों में ही दबा रहा। इस बीच अधिशासी अभियंता आजमगढ़ हरेंद्र सिंह ने मऊ का भी कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन छह माह तक टेंडर नहीं खोला गया और मामला ठंडे बस्ते में ही रहा। जब इसकी जानकारी शिकायतकर्ता कोपागंज निवासी रविशंकर तिवारी ने 29 सितंबर को मांगी तो बताया गया कि जिस दिन टेंडर खोला जाना था उसी दिन निरस्त हो गया है। यह जसुनकर ठेकेदारों में हड़कंप मच गया।
आई स्पर्श स्मार्ट ग्राम योजना के तहत दो गांव मीरपुर एवं मर्यादपुर में पूर्व में हुआ टेंडर निरस्त हो गया है। टेंडर क्यों निरस्त हुआ यह जांच का विषय इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस कार्य को कराए जाने के लिए नियम एवं विधि संगत ढंग से दोबार टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। किसी प्रकार की मनमानी नहीं की जाएगी। - हरेंद्र सिंह अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग-मऊ ।