जनपद का एक सरकारी अस्पताल ऐसा भी है, जहां पिछले दस वर्षों से बिजली की आपूर्ति नहीं हुई। लिहाजा डाक्टर पेड़ की छांव में बैठकर मरीजों को देखते हैं। यह अस्पताल है एडीशनल पीएचसी खुरहट। यही सत्ताधारी सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश और जिलापंचायत अध्यक्ष हंसा यादव का गांव भी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुलभ कराने के उद्देश्य से 1985 में खुरहट मेें एक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया। यहां लैब, मिनी ओटी/ ट्रीटमेंट रूम, ओपीडी, डाक्टर्स कक्ष, मरीजों के लिए रेस्ट रूम, औषधि भंडार, दवा वितरण कक्ष सहित अन्य कमरे बनाए गए। इस अस्पताल के लिए एक प्रभारी चिकित्साधिकारी, एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक लैब असिस्टेंट, एक वार्ड ब्वाय, एक स्वीपर, एक एएनएम और एक हेल्थ विजिटर के पद स्वीकृत किए गए। इनमें से स्वीपर को छोड़कर सभी पदों पर डाक्टर और कर्मचारी तैनात हैं।
अस्पताल में बिजली का कनेक्शन है लेकिन लगभग दस साल पहले इसमें कुछ खराबी आ गई। तबसे इसे ठीक नहीं कराया गया। बिजली के अभाव में सारा काम सूरज के प्रकाश में होता है। गर्मी में पंखे नहीं चलते हैं तो डाक्टर परिसर मेें स्थित पेड़ की छाया में बैठकर मरीज देखते हैं। इस भवन का प्रत्येक कमरा जर्जर हो गया है।
बरसात के दिनों में सारे कमरों की छत टपकती रहती है। औषधि भंडार और दवा वितरण कक्ष में छत के नीचे प्लास्टिक लगाकर काम चलाया जाता है ताकि दवाइयां खराब न हों। ट्रीटमेंट रूम से लेकर लैब और शौचालय तक फर्श और छत की प्लास्टर तक उखड़ गई है।
अव्यवस्था