फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटियों को फिर स्कूल में दाखिला दिलाएंगे शिक्षक, चलाया जाएगा अभियान:

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में कोरोना की वजह से स्कूल छोड़ने वाली बालिकाएं फिर पढ़ेंगी। इन्हें स्कूल लाने की जिम्मेदारी परिषदीय स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को दी गई हैं। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शाला त्यागी अभियान शुरू किया है। पांच से अधिक बालिकाओं को दोबारा दाखिला कराने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं को बेसिक शिक्षा विभाग सम्मानित करेगा।
विज्ञापन

जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 50 हजार से अधिक बालिकाएं अध्ययनरत हैं। कोरोना काल में लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में आनलाइन पढ़ाई चल रही है। एक जुलाई से विद्यालय खुले हैं। केवल शिक्षक विद्यालय जाकर ई पाठशाला संचालित कर रहे है। जिले के प्रत्येक विद्यालयों में अध्ययनरत कुछ न कुछ बालिकाओं ने स्कूल छोड़ दिया है।
वे ऑनलाइन और किसी अन्य माध्यम से भी पढ़ाई नहीं कर रही हैं। ऐसे में समाधान के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से बालिकाओं को दोबारा स्कूल में दाखिले के लिए शाला त्यागी अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत सभी बालिकाओं को शत प्रतिशत दाखिला दिलाया जाएगा। जिससे उनकी छूटी हुई पढ़ाई फिर से शुरू हो सके।
विज्ञापन

अधिकारियों के मुताबिक कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित नहीं रहेगी। उनके लिए शत प्रतिशत शैक्षिक निरंतरता बनाई जाएगी। जो भी समस्याएं आड़े आ रही होगी उनको तत्काल प्रभाव से दूर करने में भी विभाग मदद करेगा। इसके लिए शिक्षक विद्यालयों में नामांकित बालिकाओं के डोर टू डोर अभिभावकों से संपर्क करेंगे। शिक्षक शिक्षिकाएं इस पूरे मामले में बालिकाओं के माता पिता से बात करेंगे।
उनको समझाएंगे कि वे अपनी बेटियों को वापस पढ़ने के लिए प्रेरित करें। शिक्षक शिक्षिकाएं अभिभावकों की समस्याओं का निदान भी करेंगे। जो बालिकाएं अपने रिश्तेदारों के यहां चली गई हैं। फोन पर बात कर उन्हें वापस बुलवाएंगे। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.संतोष कुमार सिंह का कहना है कि अभियान का क्रियान्वयन कराने के लिए समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है।
विज्ञापन

अभियान के तहत यह होगा प्रयास
-पढ़ने की आयु वाली बालिकाओं का चिह्नांकन तथा उनका नामांकन किया जाएगा।
- सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी होगी कि वह गत वर्ष अध्ययनरत सभी बालिकाओं का अगली कक्षा में प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें।
--छह वर्ष की सभी बालिकाओं का कक्षा एक में नामांकन किया जाएगा।
- जिन छात्राओं ने स्कूल छोड़े हैं, कक्षावार उनकी सूची तैयार होगी। इनके नाम विवरण तथा विद्यालय छोड़ने के कारण के संबंध में रजिस्टर तैयार होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें