मऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रांतीय आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मऊ पर शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने धरना प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता हरेंद्र प्रसाद ने किया। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
संगठन के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली तथा राजकीयकरण की मांग स्वीकार नहीं करते हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता श्रवण कुमार कुशवाहा ने माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा 21, 18 व 12 को नए शिक्षा आयोग में पुनः बहाल करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें न मानने पर संघर्ष सड़क से सदन तक किया जाएगा।
वहीं डॉ. महेंद्र राय ने संगठन की मजबूती पर बल दिया, उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने तथा उनके विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल करने की बात कही।
जिलाध्यक्ष जयराम यादव ने एनपीएस को अपडेट करने और एनपीएस से पुरानी पेंशन में आए शिक्षकों का धन जीपीएफ खाते में स्थानांतरित करने की मांग उठाई।
जिलामंत्री देवानंद ने जनपद में चयन व प्रोन्नत वेतनमान में हीलाहवाली, विज्ञापन संख्या 2022 के चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र न दिए जाने तथा डीआईओएस कार्यालय में भ्रष्टाचार और सिटीजन चार्टर का पालन न होने का आरोप लगाया।
वहीं शिक्षकों को बिना शर्त ऑनलाइन स्थानांतरण, सहायक अध्यापकों को प्रवक्ता पदनाम, विषय विशेषज्ञों को पुरानी पेंशन, अंशकालिकों को पूर्णकालिक का दर्जा तथा माता-पिता के निधन पर 15-15 दिन के विशेष अवकाश की मांग रखी।
कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता अशोक कुमार मौर्या और जिला मीडिया प्रभारी विमल कुमार भारती ने किया। इस दौरान मुख्य रूप से राम विजय यादव, रामप्रताप सिंह, राजेश सिंह, नीरज राय, नन्हे लाल भारती, विनोद कुमार सिंह, राम अवध व रवि प्रताप यादव उपस्थित रहे।