मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 50 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को विलय करने के बाद कई विद्यालयों में शिक्षक और बच्चे नहीं आए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बृहस्पतिवार को घोसी ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय में समय से शिक्षकों के न पहुंचने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं प्रार्थना कराया। कई विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षामित्र अनुपस्थित रहे। शैक्षिक माहौल दयनीय मिला। लापरवाह शिक्षकों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने घोसी ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय परवेजपुर का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय बेलभद्रपुर का इसी विद्यालय मेें पेयर किया गया है। शिक्षक और बच्चे नहीं आए थे। 22 के सापेक्ष 18 बच्चे उपस्थित मिले। लापरवाह शिक्षकों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय घोसी प्रथम का सुबह 8.06 बजे निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चे विद्यालय में आकर शिक्षकाें का इंतजार करते रहे। शिक्षक और शिक्षामित्र अनुपस्थित रहे। बीएसए ने बच्चों की प्रार्थना कराया। लापरवाह शिक्षकों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय मदीना का सुबह 8.30 बजे निरीक्षण किया। यहां 49 के सापेक्ष 40 बच्चे उपस्थित मिले। शैक्षिक माहौल दयनीय मिला। शिक्षकों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। कंपोजिट विद्यालय अकोल्ही का निरीक्षण किया। शिक्षामित्र अरविंद पाठक अनुपस्थित मिले। साफ सफाई और शैक्षिक माहौल दयनीय रहा। कंपोजिट विद्यालय जामडीह का निरीक्षण किया। निरीक्षण में शिक्षक संदीप और अनुदेशक गायब मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं करते पाए गए। शैक्षिक माहौल संतोषजनक नहीं मिला।
इस बाबत बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय का कहना है कि कार्य मेें लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लापरवाह शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।