जिले के माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है, लेकिन शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी बिना अनुमति के जिला नहीं छोड़ सकेंगे।
जिले में मई के अंत से लेकर जून और जुलाई में सरकारी भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी। परीक्षाओं में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए विभाग की तरफ से स्कूलों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय तथा 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। मई माह के अंतिम सप्ताह से लेकर जून और जुलाई के दौरान विभिन्न परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
इसके साथ ही जनगणना का कार्य भी चल रहा है। परीक्षा कार्यक्रम पर नजर डालें तो 31 मई को उप्र संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा, तीन और चार जून 2026 को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा 2026, आठ जून से 10 जून 2026 तक पुलिस परीक्षा होगी।
14 जून 2026 को पुरुष एवं महिला राजकीय इंटर कॉलेज प्रवक्ता परीक्षा 2025 तथा दो से चार जुलाई 2026 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा होगी। विभिन्न परीक्षाओं सहित अन्य सरकारी कार्यक्रमों के मद्देनजर माध्यमिक और परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों के जिला छोड़ने पर रोक रहेगी।
विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार सरकारी विद्यालयों से जुड़े शिक्षक, प्रधानाचार्य और शिक्षणेत्तर कर्मचारी गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी बिना अनुमति के जिले से बाहर नहीं जा सकेंगे।
केवल आपात या आवश्यक परिस्थितियों में जिला विद्यालय निरीक्षक की लिखित अनुमति के बाद ही बाहर जाने की अनुमति मिलेगी। इन परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक सहित अन्य जिम्मेदारियों में लगाई जाएगी।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी बिना अनुमति जिला छोड़ता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित शिक्षक और कर्मचारियों को यात्रा से पूर्व लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।