बोर्ड की कापियां के मूल्यांकन के पहले दिन सोमवार को शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अपनी
मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेश
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने शहर के दो
मूल्यांकन केंद्रों पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही डीएवी
इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।
डीएवी
इंटर कालेज और एएल नोमानी इंटर कालेज पर शिक्षकों ने सोमवार को मूल्यांकन
केंद्रों अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर शिक्षक
वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे थे
और कापियों के जांचने का बहिष्कार कर नारेबाजी की। डीएवी इंटर कालेज पर आयोजित बैठक के दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए
उत्तर
प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जयनारायण द्विवेदी ने कहा कि
शिक्षकों का वियनिमितिकरण अवश्य होना चाहिए। सी.टी संवर्ग की सेवाओं को एल
टी के
चयन एवं प्रोन्नत में लाभ, एक अप्रैल के पश्चात नियुक्त
शिक्षकों को पेंशन, एल टी के प्रोन्नत वेतनमान में स्नातकोत्तर उपाधि की
अनिवार्यता को समाप्त करने, अंशकालिक
शिक्षकों को पूर्ण कालिक
का दर्जा देने और वित्तविहिन शिक्षकों को घोषित मानदेय का भुगतान करने की
मांग की। बैठक में उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के
अध्यक्ष मोहित यादव ने कहा कि मूल्यांकन का बहिष्कार तब तक चलेगा जब तक सरकार मानदेय का ऐलान नहीं कर देती है।