मोहर्रम की 10वीं तारीख को अंजुमनों और ताजियादारों की ओर से निकाले गए जुलूस में शामिल ताजियों को देर रात कर्बला में दफन कर दिया गया। इससे पूर्व पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में बुधवार की रात ताजिए का जुलूस निकला। इसमें नौहाख्वानी के बीच सीनाजनी और जंजीरों का मातम किया गया।
नगर क्षेत्र के कुल सात स्थानों से निकले 10वीं मोहर्रम जुलूस के मद्देनजर नगर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरे भी लगाए गए थे। पूरी स्थिति पर नजर रखने के लिए संस्कृत पाठशाला पुलिस चौकी के पास खुद जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक नजर रखे हुए थे।
नगर क्षेत्र में 10वीं मोहर्रम जुलूस खासतौर से रौजा बाजार, क्यारी टोला, घास बाजार, गोला बाजार और शाही कटरा से निकला। इन इलाकों से निकले ताजिए के जुलूस में अलग-अलग ताजियादार संगठनों के लोग शामिल रहे। जो नौहे और मातमी गीतों की धुनों पर सीनाजनी करते हुए चल रहे थे।
देर शाम के बाद से ही ताजिएदारों का कारवां नगर के मुख्य मार्ग की ओर बढ़ चला था। विभिन्न अखाड़ों के युवा जुलूस में तलवार और लाठियों का करतब दिखाते हुए आगे बढ़ रहे थे। ताजिएदारों की ओर से लाठियों के करतब का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। जुलूस में ताजिएदारों की ओर से 'घबराई है जैनब आया है मदीना लबरेज है गम से हर बीबी का सीना और एक साल गुजरा है जिदान सितम, दिन बाकी गुजरेगी जैनब इसी गम में आदि मातमी गीतों पर खूब मातम किया गया।
क्यारी टोला मुहल्ले के छंगा सहन इमाम चौक पर अंजुमन अलमदार हुसैनी के जेरे इंतेजाम मजलिस शामे गरीबा हुई। इसमें मौलानाओं ने शोहदाय कर्बला और असिराने कर्बला से संबंधित दर्दनाक घटना पर प्रकाश डाला। मौलानाओं की तकरीर से पूरा माहौल गमगीन हो उठा। अंजुमनों ने अम्मा गार मेरा गला दुखता है तथा शाह का नन्हा सिपाही कर्बला में आ गया नौहे को सुनकर सभी की आंखें नम हो गई। जुलूस निकलने से पूर्व भी अधिकारियों ने औरंगाबाद, अल्लीपुर, शाही कटरा, संस्कृत पाठशाला, घास बाजार, गोला बाजार, क्यारी टोला, रौजा बाजार, काजी टोला और मलिक टोला जैसे स्थानों का चक्रमण किया।
मुहम्मदाबाद गोहना संवाददाता के अनुसार स्थानीय बाजार और आसपास के गांवों में स्थापित ताजिये बुधवार की रात भारी सुरक्षा के बीच दफन किए गए। ताजिया जूलूस के दौरान युवाओं ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। रात 11 बजे सभी ताजिये कर्बला में दफन कर दिए गए। देर रात तक चलने वाले जुलूस व अन्य कार्यक्रमों को देखने के लिये कस्बा के विजय स्तंभ चौक पर हजारों महिलाओं व अन्य लोगों की भीड़ जमा रही। विभिन्न स्थानों से निकलकर चौक पर इकठ्ठा होने के दौरान युवकों व मौजूद लोगों ने मातम व हुसैन की याद में कई प्रकार के खेलों का प्रदर्शन किया।
सुरक्षा व्यवस्था के लिये बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। शाम चार बजे से लेकर रात 11 बजे तक चौक पर ताजिया रखे जाने के बाद देर रात कर्बला में दफन कर दिए गए। वहीं कस्बे में ताजिया विसर्जन के दौरान आपसी भाईचारगी की मिशाल देखने को मिली। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अंजनी गुप्ता की देखरेख में व्यापारियों ने विजय स्तंभ चौक पर पेयजल व चाय काफी का इंतजाम कर रखा था। जूलूस लेकर आने वाले लोगों को ठंडा पानी पिलाने के बाद सभी को चाय भी पिलाई गई। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के आलावा गिरीश गुप्ता, दीपक डायमंड, नसीमुल हक, राधेश्याम वर्मा, आदि रहे।